मप्रः देवास की घटना में लापरवाही पर सहायक जिला आबकारी अधिकारी वघेल निलंबित
- अवैध मदिरा परिवहन मामले में निगरानी और निरीक्षण में शिथिलता पर आबकारी विभाग की कार्रवाई
भोपाल, 02 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध मदिरा परिवहन से जुड़ी गंभीर घटना के मामले में आबकारी विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए हरदा जिले के टिमरनी वृत्त में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं निगरानी में शिथिलता पाए जाने पर की गई है।
दरअसल, देवास में अवैध शराब से भरे ट्रक क्रमांक एमपी-43 एच-4786 ने खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को कुचल दिया। वे रविवार रात तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। अस्पताल में करीब दो घंटे तक सीपीआर और इलाज किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस के मुताबिक, थाना प्रभारी पुरी ने ट्रक चालक को बाहर आने के लिए कहा था, लेकिन उसने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ा दिया। इससे ट्रक का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर चढ़ गया।
पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी पत्नी को अनुकंपा पर एसआई का पद और परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा खातेगांव में पकड़ी गई शराब के बैच नंबर की शराब टिमरनी की दुकान में भी मिली।
हरदा जिला आबकारी अधिकारी सुनील भोजने ने बताया कि भारतेन्द्र जायसवाल से जुड़ी तीन शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल के साथ ही दो आरक्षकों अरुण कुम्बरे और कृष्णपाल सिंह डोडिया को निलंबित किया गया है।
देवास जिले के सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय के अनुसार, ट्रक की जांच में गुप्त चैम्बर में छिपाकर रखी गई बैगपाइपर मदिरा पाई गई। यह मदिरा हरदा जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान हरदा रोड, टिमरनी एवं कम्पोजिट मदिरा दुकान सोडलपुर रोड, टिमरनी को प्रदाय होना पाया गया। प्रकरण की जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित क्षेत्र में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वघेल द्वारा अपने क्षेत्राधिकार में सतत निरीक्षण एवं प्रभावी निगरानी नहीं की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वघेल को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय उपायुक्त आबकारी कार्यालय, संभागीय उड़नदस्ता, भोपाल निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह, गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई
पोस्टमॉर्टम के बाद थाना प्रभारी दिलीप पुरी के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया। इसके बाद पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। तिरंगे में लिपटा थाना प्रभारी दिलीप पुरी का पार्थिव शरीर पैतृक गांव बरमंडल पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के दौरान पुलिसकर्मी और परिजन फूट-फूटकर रो पड़े।
देवास पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच के लिए एसआईटी बना दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन ने बताया कि शराब तस्करी नेटवर्क की पहचान कर ली गई है। शराब कहां से आई, कहां जा रही थी, उसे कौन ले जा रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल हैं, इसकी कड़ियां सामने आ चुकी हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

