मप्र विधानसभा सत्र की समाप्ति पर उमंग सिंघार का तीखा हमला, कहा- “यह सत्र जनता को ‘औकात’ दिखाने के लिए याद रखा जाएगा”
भाेपाल, 27 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुक्रवार काे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र की समाप्ति पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सत्र जनता को “औकात” दिखाने के लिए याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सरकार ने विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया।
उमंग सिंघार ने शुक्रवार काे बयान जारी कर कहा कि जब इंदौर में जहरीले पानी से 35 लोगों की मौत का मामला उठाया गया, तब जवाबदेही तय करने के बजाय विपक्ष को “औकात” याद दिलाई गई। स्वच्छ पेयजल जैसे गंभीर विषय पर चर्चा की मांग भी ठुकरा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि CAG रिपोर्ट में उजागर हुए भारी भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग करने पर भी सरकार ने तथ्यों से बचने की कोशिश की। “प्रदेश पर आज 6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। जनता जानना चाहती है कि आखिर कर्ज लेकर सरकार क्यों ‘घी पी’ रही है और टैक्स के जरिए उसका बोझ आम नागरिकों पर क्यों डाला जा रहा है,” उन्होंने कहा।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि न तो बजट पर सार्थक चर्चा हुई और न ही सही जानकारी दी गई। सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह आम नागरिकों को उनकी “औकात” याद दिलाने का माहौल बनाया गया।
धिरौली कोल परियोजना और आदिवासी विस्थापन का मुद्दा
कांग्रेस विधायक दल द्वारा 2762 हेक्टेयर में प्रस्तावित धिरौली कोल परियोजना का मुद्दा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने आरोप लगाया कि विस्थापित आदिवासियों के अधिकारों और नियमों को दरकिनार कर जमीन अडाणी ग्रुप को देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार ने सदन के भीतर और बाहर भ्रामक जानकारी फैलाई। इसके अलावा इन्वेस्टर समिट के नाम पर हुए विदेश दौरों, भोपाल नगर निगम से जुड़े विवादों और लाड़ली बहना योजना में नाम न जोड़े जाने जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस विधायक दल ने सरकार को घेरा।
“सदन मंदिर है, जनता सर्वोपरि”
उमंग सिंघार ने कहा, “पक्ष और विपक्ष दलों के हो सकते हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि का धर्म केवल जनता की सेवा है। मेरे लिए सदन एक मंदिर है और उसमें सर्वोपरि केवल जनता है।” उन्होंने कांग्रेस विधायक दल के सभी सदस्यों का जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए धन्यवाद दिया और सत्तापक्ष के विधायकों के प्रति भी आभार जताया। अंत में उन्होंने कहा, “दल कोई भी हो — हमारा लक्ष्य, हमारा ध्येय और हमारी प्रतिबद्धता सदैव जनहित ही होना चाहिए।”
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

