मप्र विधानसभा का मानसून सत्र आज से
भोपाल, 20 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से प्रांरभ हो रहा है। 24 जुलाई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय सत्र में राज्य सरकार द्वारा 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट के साथ समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित कुल 14 विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे।
वहीं, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस उज्जैन जमीन खरीद मामले, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, ओबीसी आरक्षण, बिजली संकट और केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित लोगों के विस्थापन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता बिल पेश करेगी। रविवार को जगदीशपुर में हुई कैबिनेट बैठक में इस बिल के मसौदे समेत कई विधेयकों को मंजूरी दी गई। सरकार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम संशोधन, मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक,राजमार्ग संशोधन, नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन और अन्य विधेयकों को भी सदन में लाएगी। मध्य प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट 21 जुलाई को विधानसभा में पेश करेगी। यह बजट 7 हजार करोड़ रुपये का होगा। इसमें पूंजीगत निवेश और अधोसंरचना विकास पर जोर दिया जाएगा।
सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक विधानसभा सचिवालय में तारांकित प्रश्न 900 एवं अतारांकित प्रश्न 856 कुल 1756 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। जबकि 267 ध्यानाकर्षण, पांच स्थगन प्रस्ताव, 20 अशासकीय संकल्प और 77 शून्यकाल की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह एकादश सत्र होगा।
विपक्ष ने सत्र को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस कानून-व्यवस्था की स्थिति, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, फसल नुकसान, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, बिजली आपूर्ति, महंगाई और शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी। इसके अलावा केन-बेतवा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित ग्रामीणों को कथित तौर पर जबरन हटाए जाने के मुद्दे को भी सदन में जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी है। वहीं, सत्ता पक्ष ने भी अपने सदस्यों को विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने को कहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

