मप्र विधानसभा में लाड़ली बहना के नए रजिस्ट्रेशन को लेकर हंगामा, विपक्ष ने किया बहिर्गमन

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मप्र विधानसभा में लाड़ली बहना के नए रजिस्ट्रेशन को लेकर हंगामा, विपक्ष ने किया बहिर्गमन


भोपाल, 23 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन सोमवार को सदन में लाड़ली बहना के नए रजिस्ट्रेशन को लेकर जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने सरकार पर स्पष्ट जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।

मप्र विधानसभा में सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते हुए लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सवाल उठाया कि योजना के तहत पात्र नई बहनों का पंजीयन कब शुरू होगा, इस बारे में सरकार कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री तो सही जवाब दे रहे हैं, लेकिन पहले यह बताया जाए कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी बहनों से क्या कह रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि जो महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेती हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए पंजीयन की कोई समय-सीमा अभी बताना संभव नहीं है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी नए पंजीयन की समय-सीमा तय करने की मांग की। मंत्री ने दोहराया कि फिलहाल इसकी कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती।

इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मंत्री ने सही जवाब दिया है। कांग्रेस के लोग कहते थे कि यह योजना सिर्फ चुनाव तक है, जबकि असलियत यह है कि ढाई साल बाद भी यह योजना जारी है। हमने घोषणा पत्र में कहा है कि 5 साल के अंदर 3000 रुपये देंगे तो हम उसका पालन करेंगे। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने पूछा कि नए पंजीयन कब शुरू होंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। इसके बाद सिंघार ने कहा कि क्योंकि सरकार जवाब नहीं देना चाहती है, इसलिए कांग्रेस विधायक वॉकआउट करते हैं। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कांग्रेस विधायक सदन से बाहर निकल गए।

मेडिकल छात्रा की मौत का मामला सदन में उठा

कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में एमबीबीएस की एक छात्रा की संदिग्ध हालात में हुई मौत का मामला सदन में उठाया। इसके जवाब में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि छात्रा की मौत जहर के सेवन से हुई है। उसके शरीर पर किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि जांच में सामने आया है कि घटना के समय कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। छात्रा के मोबाइल की भी जांच की गई, जिसमें उसने लिखा था कि वह जो पढ़ाई कर रही थी, वह उसे समझ में नहीं आ रही थी। घटनास्थल से फिनायल की एक बोतल बरामद की गई, जिसे जब्त कर जांच के दायरे में लिया गया है। अब तक की जांच में यह मामला आत्महत्या का पाया गया है और हत्या के कोई साक्ष्य सामने नहीं आए हैं।

कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजनों को सूचना दिए बिना ही छात्रा का पोस्टमॉर्टम कराया गया। साथ ही दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आदिवासी समाज आंदोलन करेगा। इस पर राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि परिवार को सूचना नहीं दी गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर छात्रा के माता-पिता के हस्ताक्षर मौजूद हैं। मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है, जिसमें डीएसपी, टीआई और सब-इंस्पेक्टर स्तर की तीन महिला अधिकारी शामिल हैं।

सदन में गूंजा धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में भ्रष्टाचार का मामला

इसके बाद कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने शिवपुरी जिले में धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में भ्रष्टाचार का मामला उठाया। इसके जवाब में मंत्री विजय शाह ने कहा कि इस योजना में सब विभाग काम करते हैं। जनजाति वर्ग के विकास के लिए सड़क बिजली पानी की व्यवस्था की जाती है। अगर किसी क्षेत्र विशेष या व्यक्ति विशेष का मामला है तो जांच करने को तैयार हैं। इस पर विधायक जंडेल ने कहा किश्योपुर जिले में 16 करोड़ का जन मन योजना का काम जमीन पर नहीं हुआ, इसकी जांच कराई जाए। 16 करोड़ में 16 रुपये का काम नहीं हुआ है। बगैर मूल्यांकन के 8 करोड़ रुपये डाल दिए गए हैं। मंत्री शाह ने कहा कि कोई विशेष मामला हो तो उसकी जांच कर लेंगे, क्योंकि 17 विभाग काम करते हैं, इसलिए क्षेत्र विशेष की जानकारी देनी होगी।

पीएचई विभाग के निर्माण कार्यों में गड़बड़ी का आरोप

भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जतारा विधानसभा में निर्माण कार्यों में गड़बड़ी का मामला उठाया। उन्होंने जानकारी मांगी की योजना में विभाग की ओर से कौन-कौन से ठेकेदारों का कितना-कितना भुगतान किया जा चुका है। इस पर पीएचई मंत्री संपत्तिया उइके ने कहा कि टीकमगढ़ जिले में बान सुजारा बांध से पानी देने का काम करते हैं। इसको लेकर में मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल संसाधन विभाग के मंत्री के साथ चर्चा करके 10 एमसीएम पानी दिए जाने को लेकर चर्चा करेंगे। मंत्री ने कहा कि जल समस्या के निराकरण के लिए जल्द ही काम किया जाएगा। इसके बाद खटीक ने कहा कि 10एमसीएम पानी भी मिल गया तो जतारा और आसपास के इलाकों में पानी मिल जाएगा।

वहीं, कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने दो दिन पहले भोपाल और इंदौर के कांग्रेस कार्यालयों के घेराव का मुद्दा उठाते हुए चर्चा करने की मांग की। इसको लेकर सदन में कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय और भाजपा विधायक अभिलाष पांडे के बीच बहस की स्थिति बनी। दोनों विधायकों के बीच बहस बढ़ती देख कांग्रेस और भाजपा के विधायक भी सदन में शोर-शराबा करने लगे। इस कारण विधानसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए प्रभावित हुई। तब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आईटी की ग्लोबल समिट हुई थी वहां कांग्रेस के लोगों ने कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। शोर और बढ़ा तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 4 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा होनी है, इसलिए सभी शांत रहें।

खुरई में सरकारी कॉलेज में नए पाठ्यक्रम बढ़ाने की मांग

भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने शासकीय महाविद्यालय खुरई में खाली पदों की पूर्ति, स्टेडियम निर्माण और बीएड, विधि संकाय के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि इसके चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि महाविद्यालय के पास पर्याप्त भूमि है। इसलिए खेल मैदान की स्वीकृति की जा सकती है। नए पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। विधि पाठ्यक्रम 3 साल की समय सीमा के बाद ही शुरू किया जा सकेंगे। विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में जिन संकायों को शुरू करने का अधिकार प्राचार्य को है, उनके लिए मंत्री की ओर से निर्देश जारी किए जाएं। इससे वे संकाय जल्द शुरू हो सकेंगे और छात्रों को लाभ मिलेगा। इस पर मंत्री परमार ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच कर यथासंभव जल्द कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो योजनाएं पहले से स्वीकृत हैं, उनके लिए सरकार या विभाग से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती।

पन्ना के कॉलेजों में स्टाफ और पीजी कक्षाओं का मुद्दा उठा

भाजपा विधायक ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने पन्ना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत छत्रसाल महाविद्यालय अजयगढ़ और खोरा महाविद्यालय में शैक्षणिक स्टाफ के खाली पद भरने, पीजी कक्षाएं शुरू करने और शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि खोरा महाविद्यालय में वर्तमान में केवल एक अतिथि विद्वान पदस्थ है। अगर वह कॉलेज नहीं आते हैं, तो छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है। विधायक ने सवाल किया कि शैक्षणिक स्टाफ की कमी की पूर्ति कब की जाएगी, ताकि छात्रों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस पर मंत्री ने कहा कि यहां व्यवस्थाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अगले सत्र में चालू कर देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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