मप्र : विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के साथ एमओयू करेगा उच्च शिक्षा विभाग
- सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्वशासी महाविद्यालय, भोपाल में होगा कार्यक्रम
भोपाल, 24 फरवरी (हि.स.)। विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बुधवार, 25 फरवरी को बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) मुंबई के साथ उच्च शिक्षा विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
जनसंपर्क अधिकारी राजेश दाहिमा ने मंगलवार को बताया कि यह कार्यक्रम राजधानी भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के अधिकारियों द्वारा नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम पोर्टल की कार्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप से जोड़ना है। इसके अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री/डिप्लोमा प्रोग्राम (एईडीबी) लागू करने वाले संस्थानों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही, अकादमिक शिक्षा को कौशल एवं उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़कर युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए सक्षम और तैयार किया जाएगा।
एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, राधेश्याम जुलानिया (सेवानिवृत्त आईएएस एवं संस्थापक सदस्य, सेंटर ऑफ रिसर्च इन पॉलिसिज डॉ. पी.एन. जुमले (निदेशक-प्रशिक्षण, बोर्ड ऑफ अप्रेंसिटशिप ट्रेनिंग-वेस्टर्न रीजन) सहित प्रदेश के 85 महाविद्यालयों एवं 8 विश्वविद्यालयों के प्राचार्य तथा नोडल प्राध्यापक उपस्थित रहेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

