अनूपपुर: इंगाराजविवि में बढ़ती हिंसा पर एबीवीपी ने की स्थायी पुलिस चौकी की मांग
अनूपपुर, 15 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ती हिंसा और असुरक्षा के माहौल को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरूवार को पुलिस अधीक्षक के नाम मांग पत्र सौंप कर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की है। ज्ञात हो कि
गत दिनों असम के छात्र के साथ मारपीट एवं इसके पूर्व छात्रा के साथ छेड़छाड़ से घटनाएँ सामने आई थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए मांग पत्र में एबीवीपी ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार और भय का माहौल लगातार बढ़ रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि बाहरी असामाजिक तत्वों के प्रवेश के कारण गुटबाजी और हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है। असम के एक छात्र के साथ छात्रावास में हुई मारपीट की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें छात्र की नाक टूट गई और उसे गंभीर चोटें आईं। संगठन का आरोप है कि इन घटनाओं के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। पूर्व में भी मारपीट और झगड़े की कई शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रशासन उदासीन बना रहा। छात्रावासों में नशीले पदार्थों की मौजूदगी को भी बताया गया, जिससे नशे की हालत में होने वाली घटनाओं में वृद्धि हुई है।
एबीवीपी के जिला संयोजक प्रणव मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान का केंद्र होता है, जहाँ शांति और सुरक्षा का वातावरण होना चाहिए। उन्होंने चिंता व्यक्त कि लगातार हो रही घटनाओं से छात्र भयभीत और शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। एबीवीपी की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना, मारपीट की घटनाओं में शामिल दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई, बाहरी असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर सख्त नियंत्रण, छात्रावासों की नियमित जांच कर नशीले पदार्थों पर रोक लगाना और मुख्य द्वार पर सघन जांच व्यवस्था लागू करना शामिल है।
संगठन ने पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में पुलिस चौकी स्थापित नहीं की जाती है, तो वे आंदोलन करेंगे। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम ने बताया कि ज्ञापन में उठाई गई बातों पर ध्यान दिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

