मध्य प्रदेश में 15 वर्ष से पुरानी बसों का अब नहीं होगा संचालन

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मध्य प्रदेश में 15 वर्ष से पुरानी बसों का अब नहीं होगा संचालन


मध्य प्रदेश में 15 वर्ष से पुरानी बसों का अब नहीं होगा संचालन


- संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बस संचालकों की बैठक में किया स्पष्ट

ग्वालियर, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार यात्री बसें 15 वर्ष से अधिक अवधि में अब नहीं चल सकेंगीं। 15 वर्ष पुरानी बसों के परमिटों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। ऐसी बसें चलती पाई गईं तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बुधवार को बस ऑपरेटरों एवं उनके अधिकृत अभिभाषकों की बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय का पालन सुनिश्चित कराया जायेगा।

संभागीय आयुक्त कार्यालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि 15 वर्ष से पुरानी यात्री बसों का अब परमिट नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। ऐसी बसों के संचालकों को नई बसें क्रय कर ही संचालित करनी होंगीं। इस संबंध में बस संचालकों को परिवहन विभाग द्वारा नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि शासन के नियमों का पालन करते हुए पुरानी बसों के स्थान पर नई बसें लेकर संचालित करें। शासन के निर्णय का पालन न पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।

बैठक में परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि ग्वालियर से 73 बसों को संभाग स्तर पर संचालित करने हेतु परमिट जारी किया गया है। इनमें से 59 बसें अभी भी शेष बची हैं। बाकी बस संचालकों द्वारा नई बसें लेकर संचालन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शेष बची बसों के संचालकों को भी नोटिस जारी कर यथाशीघ्र पुरानी बसों के स्थान पर नई बसें लेने का आग्रह किया गया है। 15 वर्ष से पुरानी किसी भी बस के परमिट का परिवहन विभाग से नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। बैठक में बस संचालकों एवं उनके अभिभावकों ने भी अपने-अपने विचार रखे। संभागीय आयुक्त ने सभी से चर्चा कर शासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

माधव नेशनल पार्क के मास्टर प्लान के संबंध में संभागीय आयुक्त ने ली बैठकमाधव नेशनल पार्क शिवपुरी के जोनल प्लान के संबंध में संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में शिवपुरी कलेक्टर ऑनलाइन शामिल हुए। इसके साथ ही समीक्षा बैठक में वन संरक्षक श्रीवास्तव, उप संचालक माधव नेशनल पार्क हरिओम, सीईओ जिला पंचायत विजय राज, संयुक्त संचालक टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग कुशवाह सहित विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

संभागीय आयुक्त खत्री ने बैठक में कहा कि माधव नेशनल पार्क के मास्टर प्लान के लिये निर्धारित एजेंसी द्वारा बेसलाइन सर्वे पूर्ण कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर शासन द्वारा कुछ बिंदुओं पर जानकारी भी चाही गई थी। बेसलाइन सर्वे के पश्चात माधव नेशनल पार्क का बफरजोन एरिया बढ़ाया गया है। इस कारण नए सिरे से बढ़ाए गए एरिया का बेसलाइन सर्वे किया जाना आवश्यक है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 में माधव नेशनल पार्क के ईकोसेंसेटिव जोन के लिये बेसलाइन सर्वे करने का कार्य कराया गया था। मार्च 2025 में माधव नेशनल पार्क के बफर एरिया का विस्तार किया गया है। वर्तमान में 1776 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र हो गया है। इस सम्पूर्ण क्षेत्र का बेसलाइन सर्वे किया जाना आवश्यक है। संभागीय आयुक्त खत्री ने नगरीय निकाय एवं जिला पंचायत के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जो क्षेत्र बढ़ा है उन क्षेत्रों के सभी गाँवों में बैठकें आयोजित कर वहां के निवासियों को ईकोसेंसेटिव जोन एवं मास्टर प्लान के संबंध में जानकारी दी जाए। माधव नेशनल पार्क के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सम्पूर्ण एरिया में आने वाले ग्रामों की सूची भी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। बैठक में वन विभाग के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों ने भी प्रजेंटेशन के माध्यम से बेसलाइन सर्वे के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी दी।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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