मप्र : उज्जैन की 10 ट्रांसमिशन लाइनों ने रचा 1500 दिन का कीर्तिमान

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मप्र : उज्जैन की 10 ट्रांसमिशन लाइनों ने रचा 1500 दिन का कीर्तिमान


भोपाल, 17 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की उज्जैन स्थित 10 महत्वपूर्ण एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनों ने विगत चार वर्षों यानी लगभग 1500 दिनों से बिना किसी ब्रेकडाउन के निर्बाध विद्युत पारेषण कर उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया है।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि आंधी-तूफान, तेज बारिश, आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक चुनौतियों और अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों के बावजूद इन लाइनों का सतत एवं विश्वसनीय संचालन जारी है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि उज्जैन की इन 10 लाइनों सहित प्रदेशभर में एमपी ट्रांसको की कुल 593 ईएचवी ट्रांसमिशन लाइनें भी बीते चार वर्षों से बिना किसी ब्रेकडाउन के सफलतापूर्वक संचालित होकर प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था की मजबूती और विश्वसनीयता को प्रमाणित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा अनुरक्षण कार्य में जुटे आउटसोर्स कर्मियों की प्रतिबद्धता, दक्षता और समर्पण का परिणाम है।

उज्जैन क्षेत्र की जिन ट्रांसमिशन लाइनों ने यह उपलब्धि हासिल की है, उनमें 400 केवी उज्जैन (ताजपुर)-आष्टा के दो सर्किट, 400 केवी उज्जैन (ताजपुर)-इंदौर के दो सर्किट तथा 220 केवी उज्जैन (ताजपुर)-नलखेड़ा के दो सर्किटों के अलावा 132 केवी उज्जैन (ताजपुर)-उद्योगपुरी के दो सर्किट, 132 केवी ज्योतिनगर-शंकरपुरा एवं 132 केवी ज्योतिनगर-उज्जैन (ताजपुर) लाइनें शामिल हैं।

तकनीक और निगरानी ने बनाया नेटवर्क को अभेद्य

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध बनाए रखने के लिए थर्मो-विजन निरीक्षण, ड्रोन सर्विलांस, एससीएडीए आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग, ऑनलाइन कंडीशन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निवारक अनुरक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। नियमित लाइन पेट्रोलिंग, प्री-मानसून मेंटेनेंस, लाइन कॉरिडोर प्रबंधन, पेड़ों की कटाई-छंटाई तथा उपकरणों की सतत निगरानी के माध्यम से संभावित तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर उनका निराकरण किया गया, जिससे ब्रेकडाउन की आशंकाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सका और ट्रांसमिशन लाइनों की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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