मुरैना में प्रेमी युगल ने सांक नदी में छलांग लगाकर दी जान, नौ माह पहले ब्लैकमेलिंग मामले में आया था नाम
मुरैना, 01 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के नूराबाद थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक और युवती ने सांक नदी में छलांग लगकर जान दे दी। घटना की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों के शव नदी से बाहर निकाले।
मृतक युवक और युवती का नाम करीब नौ माह पूर्व उजागर हुए एक चर्चित ब्लैकमेलिंग प्रकरण में भी सामने आया था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार युवक और युवती सोमवार को ग्वालियर की ओर से बाइक पर सवार होकर नूराबाद क्षेत्र स्थित पुराने पुल तक पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हें पुल के आसपास देखा था। कुछ देर बाद दाेनों ने पहले एक गमछे से अपने हाथ बांधे और फिर सांक नदी में छलांग लगा दी। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। नदी में तलाशी अभियान चलाया गया और बाद में दोनों के शव बरामद कर लिए गए। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी एकत्र हो गई थी। पुलिस को घटनास्थल से मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान की गई। मृतका की पहचान राधा चौबे (25) निवासी बेहरूका, थाना धीरपुरा, जिला दतिया के रूप में हुई, जबकि मृतक की पहचान भूपेंद्र धाकड़ (30) निवासी भुरावली, थाना कैलारस, जिला मुरैना के रूप में की गई। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई।
एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले। बाद में उन्हें नूराबाद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। बानमौर एसडीओपी अनिल कुमार मांडरा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की जानकारी मिली है। पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नौ माह पहले ब्लैकमेलिंग मामले में आया था नाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक भूपेंद्र धाकड़ और मृतका राधा चौबे का नाम लगभग नौ महीने पहले सामने आए एक चर्चित ब्लैकमेलिंग मामले में भी जुड़ा था। उस समय पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया था, जिस पर उस मामले में दोनों पर होटल के कमरे में स्पाई कैमरा लगाकर युवकों और जोड़ों के वीडियो बनाने तथा ब्लैकमेल करने के आरोप लगे थे। पुलिस के अनुसार, राधा चौबे ने अपनी सहेली के बॉयफ्रेंड पुष्पेंद्र को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई थी। आरोपियों को जानकारी थी कि पुष्पेंद्र रेलवे में नौकरी करता है और अपनी गर्लफ्रेंड पर काफी खर्च करता है। इसी वजह से उसे आसान टारगेट मानकर ब्लैकमेलिंग का प्लान बनाया गया। आरोपियों ने होटल के कमरे में कैमरा लगाकर आने वाले लोगों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपियों ने पहले 50 हजार और बाद में एक लाख रुपए की मांग की थी। डर के कारण पीड़ित ने 5 हजार रुपए आरोपियों के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिए थे। बाद में लगातार धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने अपनी बहन को पूरी बात बताई। बहन उसे लेकर जनसुनवाई में पहुंची और पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत में कहा गया था कि यदि मदद नहीं मिली तो उसका भाई आत्मघाती कदम उठा सकता है। जांच के दौरान राधा चौबे, भूपेंद्र धाकड़ और उनके एक अन्य साथी का नाम सामने आया था।
तकनीकी जांच से हुआ था खुलासा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उस मामले में फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल चैट, बैंक खातों में हुए लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया था। जांच में यह भी सामने आया था कि कुछ लोगों को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रकम मांगी गई थी। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की थी। जांच के दौरान कुछ अन्य वीडियो भी बरामद होने की बात सामने आई थी, जिनकी अलग से जांच की गई थी।
कई सवाल छोड़ गई घटना
नदी में मिले दोनों शवों की घटना ने एक बार फिर पुराने ब्लैकमेलिंग प्रकरण को चर्चा में ला दिया है। हालांकि पुलिस फिलहाल दोनों मामलों को सीधे तौर पर जोड़कर नहीं देख रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के पीछे की वास्तविक वजह, दोनों की मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियां और अन्य संभावित कारणों की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

