मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 25 जून तक संभव, 44% कम बारिश, 45 जिले वर्षा में पिछड़े
भोपाल, 20 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से उसकी एंट्री में 8 से 10 दिन की देरी होने के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार मानसून 25 जून के आसपास प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
सामान्यतः मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार 20 जून तक भी इसके आगमन के संकेत नहीं मिले हैं। फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में बदलाव बना हुआ है और शनिवार को भोपाल-इंदौर समेत 38 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून की देरी का असर प्रदेश की वर्षा स्थिति पर साफ दिखाई दे रहा है। जून में अब तक सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 55 में से 45 जिले वर्षा के मामले में पीछे चल रहे हैं। सबसे अधिक असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में सामान्य से 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में भी वर्षा का आंकड़ा 27 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है।
भोपाल प्रदेश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला रहा है, जहां सामान्य से 62 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यहां अब तक लगभग 4 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य औसत ढाई इंच है। दूसरी ओर अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां अब तक बारिश दर्ज नहीं हुई है।
किसानों की बढ़ी चिंता, खरीफ बुवाई प्रभावित
मानसून में देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश में सोयाबीन, मूंग, उड़द और तुअर जैसी खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बोवनी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश आवश्यक है, जिससे मिट्टी में पर्याप्त नमी बन सके। कई जिलों में समय पर मानसून आने की उम्मीद में किसानों ने पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। अब पर्याप्त नमी नहीं मिलने से बीज खराब होने का खतरा बढ़ गया है और कई किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। हालांकि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
अरब सागर की कमजोर हवाओं से थमी मानसून की चाल
मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना के आसपास ठहरा हुआ है। अरब सागर से आने वाली अनुकूल हवाएं कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हुई है। यदि अगले दो-तीन दिनों में परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो मानसून 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
कई जिलों में बारिश से तापमान में राहत
शुक्रवार को राजगढ़, दमोह, रीवा, सतना और मैहर सहित कई जिलों में प्री-मानसून बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सिवनी में दिन का तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम रहा, जबकि खजुराहो 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का तापमान 35.1 डिग्री, भोपाल 37.3 डिग्री, उज्जैन 36 डिग्री, जबलपुर 38.8 डिग्री और ग्वालियर 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सीहोर और आगर-मालवा में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को सीहोर और आगर-मालवा जिलों में तेज आंधी की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ समेत 38 जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
इन जिलों में बनी रहेगी गर्मी और उमस
वहीं रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार और खरगोन जिलों में तेज धूप और उमस बने रहने के आसार हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

