पुस्तक व यूनिफार्म विक्रेताओं का एकाधिकार समाप्त हो: ग्राहक पंचायत

पुस्तक व यूनिफार्म विक्रेताओं का एकाधिकार समाप्त हो: ग्राहक पंचायत
पुस्तक व यूनिफार्म विक्रेताओं का एकाधिकार समाप्त हो: ग्राहक पंचायत


मंदसौर, 3 अप्रैल (हि.स.)। बुधवार को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत मंदसौर इकाई द्वारा जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार रमेश मसारे को सौपा गया। ज्ञापन में पुस्तक व यूनिफॉर्म विक्रेताओं का एकाधिकार समाप्त करने की बात कही गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा निजी स्कूल संचालकों द्वारा किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कापियां, यूनिफार्म व अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए दबाव डालने पर रोक लगाई गई है। जिससे ये चीजें बाजार में सभी दुकानों पर उपलब्ध होकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा अभिभावकों को मिलेगी। जिससे वह अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकान से खरीद सकेंगे और उन्हें आर्थिक बोझ भी वहन नहीं करना पड़ेगा।

ज्ञापन में कहा गया कि सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों का ही प्रचलन किया जाना है। लेकिन ग्राहक पंचायत के संज्ञान में कुछ अभिभावकों द्वारा यह बात लाई गई है कि जिलें के निजी स्कूलों द्वारा उपरोक्त संदर्भित पत्र का पालन न करते हुए अभिभावकों से अनुचित लाभ कमाने की मंशा से एनसीआरटी की पुस्तकों के अतिरिक्त निजी प्रकाशकों की पुस्तकें भी शामिल कर दी गई हैं। कापियां भी मनमानी साईज की निर्धारित कर ली गई हैं जो बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं व उनका मूल्य भी काफी ज्यादा है। जिससे अभिभावक आर्थिक रूप से ठगे जा रहे हैं। पड़ोस के जिले के पुस्तक व्यापारी के साथ मिलकर निजी स्कूल के संचालकों द्वारा यह कार्य किया जा रहा है।उक्त दुकानदार द्वारा किसी भी अभिभावक को खरीदी का बिल नहीं दिया जाता है,और न ही कोई छुट दी जा रही है, जबकि खूले बाजार में उपलब्ध होने पर अभिभावकों को छूट मिलती रही है।एक निश्चित दुकानदार पर शैक्षणिक सामग्री रखवा देने से अभिभावकों को अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा है। शासन की मंशा है कि अभिभावकों को पुस्तकें व शैक्षणिक सामग्री खूले बाजार में मिले। उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों के संचालकों पर अर्थ दंड का प्रावधान भी किया गया है। इसके साथ स्कूल संचालक ने स्कूल की यूनिफार्म व जूते मौजे के लिए भी 1 या 2 दुकानें सुनिश्चित कर दी हैं और वह दुकानदार खरीदी का न तो बिल दे रहे है और न ही ग्राहकों से ठीक से बात कर रहे हैं। ग्राहक अगर विरोध करता है तो वह कहते हैं लेना हों तो लो नहीं तो जाओ।

ज्ञापन देते समय ग्राहक पंचायत जिला अध्यक्ष नवनीत शर्मा, जिला सचिव विजय कोठारी, जिला उपाध्यक्ष रंजीत जायसवाल, राहुल डगवार, अंशुल जैन उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/ अशोक झलौया

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