मंत्री विजयवर्गीय ने बजट को बताया क्रांतिकारी कदम, कहा- इससे प्रदेश विकास की ओर होगा अग्रसर

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भोपाल, 3 जुलाई (हि.स.)। आज का बजट मध्यप्रदेश में निवास करने वाले सर्वहारा वर्ग के विकास के लिये बनाया गया एक बेहतरीन बजट है। इसमें प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिये क्रांतिकारी कदम उठाये गये हैं। बजट पर अमल से हमारा प्रदेश विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर होगा। यह बात नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को पारित बजट 2024-25 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही।

मंत्री विजयवर्गीय ने बजट 2024-25 को प्रदेश के सतत् विकास के लिये अथक परिश्रम से बनाया गया एक अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इसमें गांवों और किसानों के साथ-साथ प्रदेश के शहरों के विकास के लिये भी बड़े प्रावधान किये गये है। इस बजट से प्रदेश के शहरों में बिजली, पानी, सड़क, साफ-सफाई, सीवरेज एवं समुचित परिवहन व्यवस्था के विकास एवं विस्तार के लिये आवश्कतानुसार धन राशि का आवंटन किया गया है। शहरों में निवासरत नागरिकों को अधिकाधिक सुविधाएँ उपलब्ध करने के लिये हमारी सरकार ने अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों पर विशेष जोर दिया है। इस बजट से हमारे प्रदेश के सभी शहरों का कायाकल्प हो जायेगा। इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल सुविधाएँ जल्द से जल्द प्रारंभ हो, हमारी सरकार ने इसके लिये भी आवश्यक बजट प्रावधान किया है। नगरीय विकास के लिये वर्ष 2024-25 हेतु 16 हजार 744 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 1 हजार 836 करोड़ रुपये अधिक है।

बजट 2024-25 में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के लिये किये गये उल्लेखनीय बजट प्रावधान:-

- प्रवेश कर से नगरीय निकायो को हस्तान्तरण हेतु 3600 करोड़ रुपये का प्रावधान

- अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एण्ड अर्बन ट्रान्सफॉरमेशन (अमृत 2.0) हेतु 1499 करोड़ रुपये का प्रावधान

- मेट्रो रेल हेतु 1160 करोड़ रुपये का प्रावधान

- 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार स्थानीय निकायों को अनुदान हेतु 1158 करोड़ रुपये का प्रावधान

- स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं हेतु एक मुश्त अनुदान (राज्य करों में हिस्सा) हेतु 1111 करोड़ रुपये का प्रावधान

- हॉउसिंग फॉर ऑल हेतु 1020 करोड़ रुपये का प्रावधान

- पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार से नगरीय निकायों द्वारा अथवा उनकी ओर से लिये गये ऋणों/ब्याज का प्रतिसंदाय हेतु

- 778 करोड़ रुपये का प्रावधान वैट कर प्रणाली लागू होने से इसकी क्षतिपूर्ति राशि का नगरीय निकायों को हस्तान्तरण हेतु 600 करोड़ रुपये का प्रावधान

- 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार मिलियन शहरों को अनुदान हेतु 524 करोड़ रुपये का प्रावधान

- सिंहस्थ-2028 हेतु 505 करोड़ रुपये का प्रावधान

- पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार का नगरीय निकायों को हस्तान्तरण हेतु 466 करोड़ रुपये का प्रावधान

- मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना-चतुर्थ चरण हेतु 450 करोड़ रुपये का प्रावधान

- वाहनों पर कर से नगरीय निकायों को सड़क मरम्मत के लिये अनुदान हेतु 408 करोड़ रुपये का प्रावधान

- कायाकल्प अभियान हेतु 400 करोड़ रुपये का प्रावधान

- शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0- यूज्ड वाटर मैनेजमेंट हेतु 392 करोड़ रुपये का प्रावधान

- मास्टर प्लान रोड़ डेवलपमेंट स्कीम हेतु 250 करोड़ रुपये का प्रावधान

- मध्यप्रदेश अर्बन सर्विस इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (ए.डी.बी.) फेस-2 हेतु 215 करोड़ रुपये का प्रावधान

- एम.पी. अर्बन सर्विसेस इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (ए.डी.बी.) हेतु 203 करोड़ रुपये का प्रावधान

- एम.पी. अर्बन डेव्हलपमेंट प्रोजेक्ट (विश्व बैंक) हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान

- नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान

- ग्वालियर स्मार्ट सिटी हेतु 198 करोड़ रुपये का प्रावधान

-- नगरीय निकायों को समेकित अनुदान हेतु 151 करोड़ रुपये का प्रावधान

- यूनिटी मॉल का निर्माण हेतु 142 करोड़ रुपये का प्रावधान

- शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 हेतु 128 करोड़ रुपये का प्रावधान

- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन हेतु 125 करोड़ रुपये का प्रावधान

- म.प्र. अर्बन सेनिटेशन एण्ड एनवॉयरमेंट सेक्टर प्रोग्राम (एम.पी.यू.एस.ई.पी.) (केएफ डब्ल्यू) हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / उमेद/मुकेश

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