दमोहः ग्राम कुंवरपुर खेजरा में विशाल मेगा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

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दमोहः ग्राम कुंवरपुर खेजरा में विशाल मेगा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन


दमोहः ग्राम कुंवरपुर खेजरा में विशाल मेगा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन


दमोह, 28 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में आमजन को कानून की जानकारी और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम कुंवरपुर खेजरा में विशाल मेगा विधिक जागरूकता शिविर का शनिवार को आयोजन किया गया।

कार्यक्रम प्रधान न्यायाधीश सुभाष सोलंकी के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत शिविर स्थल के समीप स्थित प्राचीन मंदिर में मां भगवती की पूजा-अर्चना के साथ हुई। प्रधान न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने मां का आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। सरपंच प्रतिनिधि विकास गुप्ता ने चुनरी एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके पश्चात बीएलओ रजनीश चौरसिया ने मेगा विधिक जागरूकता शिविर के उद्देश्य एवं कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी।

कानून के साथ जीवन मूल्यों पर दिया विशेष संदेशप्रधान न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आज कृत्रिम विकास तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही मनुष्य की आयु घटती जा रही है, जो अत्यंत चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि पहले लोग 100 से 125 वर्ष तक स्वस्थ जीवन जीते थे, क्योंकि उनका जीवन प्रकृति के अधिक निकट था। आज रासायनिक भोजन, प्रदूषण और भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने जैविक खेती, रसायन मुक्त भोजन, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि यदि मनुष्य प्रकृति से दूर होगा तो उसका स्वास्थ्य और आयु दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने जीवन में प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण तैयार करें।

नारी सम्मान को बताया समाज की शक्तिअपने संबोधन में उन्होंने नारी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां महिला का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं को समान सम्मान और अधिकार मिलें। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित माताओं-बहनों का अभिनंदन करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

सृष्टि की संरचना पर रोचक उदाहरणप्रधान न्यायाधीश ने सृष्टि की चार मुख्य रचनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्थर और धरती हमें सब कुछ देते हैं, वन संपदा हमें जीवन देती है, पशु-पक्षी हमें पहचानते हैं और मनुष्य को बुद्धि का वरदान मिला है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पेड़-पौधे हमें फल और औषधि देते हैं, पशु-पक्षी वफादारी और संवेदनशीलता सिखाते हैं तथा मनुष्य को विवेक के साथ जीवन जीने की जिम्मेदारी दी गई है।

उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल में बिना आधुनिक मशीनों के पहाड़ों पर विशाल मंदिरों का निर्माण हुआ, जो मानव श्रम, धैर्य और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली का उदाहरण है।

विधिक जागरूकता के साथ योजनाओं की जानकारीशिविर में अधिवक्ता मनीष नगाईच ने कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी दी। अधिवक्ता रमेश श्रीवास्तव ने डिफेंस काउंसिल और पॉक्सो एक्ट के संबंध में जानकारी प्रदान की। अधिवक्ता मदन जैन ने अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना पर प्रकाश डाला, जबकि अधिवक्ता ऋचा त्रिपाठी ने महिलाओं के अधिकार, निःशुल्क हेल्पलाइन और सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जहां ग्रामीणों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके निराकरण हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

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