अनूपपुर:निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना सहित अन्य विकास एवं योजनाओं के वास्तविक स्थिति का लें जायजा- सांसद

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अनूपपुर:निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना सहित अन्य विकास एवं योजनाओं के वास्तविक स्थिति का लें जायजा- सांसद


अनूपपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। सांसद हिमाद्री सिंह ने शुक्रवार को जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत लंबित 65 अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के शीघ्र निराकरण साथ ही लोक निर्माण विभाग (पीआईयू) द्वारा संचालित 16 प्रगतिरत निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत 95 कार्यों, 435 मजरे-टोलों तक पहुँच मार्ग निर्माण, जनमन योजना के अंतर्गत 22 सड़क निर्माण कार्यों तथा निर्माणाधीन अनूपपुर फ्लाईओवर परियोजना सहित अन्य विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की सांसद हिमाद्री सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्देश देते हुए कहीं। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इसके पूर्व पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। सांसद ने अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की स्थिति जानी तथा योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

सांसद ने सभी विभागीय अधिकारी नियमित रूप से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें, ताकि उनकी गुणवत्ता एवं प्रगति का समयबद्ध आंकलन किया जा सके। निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का मौके पर जाकर अवलोकन किया जाए। अधिकारियों को शासन की मंशा एवं उद्देश्यों के अनुरूप पूर्ण प्रतिबद्धता, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन करने की बात कहीं।

सांसद हिमाद्री सिंह ने अनूपपुर जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चिन्हित बसाहटों में पेयजल उपलब्धता की प्रगति की समीक्षा में अधिकारियों ने अवगत कराया कि जिले में 210 बसाहटों का चिन्हांकन किया गया है, जहां नल-जल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक विभागीय कार्यवाही की जा रही है। वर्ष 2025-28 की कार्ययोजना के अंतर्गत नल-जल योजना 2.0 के माध्यम से ऐसी योजनाओं का संधारण एवं पुनर्संचालन किया जाएगा, जो पाइपलाइन, ओवरहेड टंकी अथवा अन्य तकनीकी कारणों से वर्तमान में संचालित नहीं हो पा रही हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति की जा सके। नल-जल योजनाओं में होने वाली सामान्य टूट-फूट एवं मरम्मत संबंधी कार्यों के लिए ग्राम पंचायतें निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 10 हजार रुपये तक की राशि व्यय कर आवश्यक मरम्मत कार्य करा सकती हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।

सांसद ने जिले अनूपपुर के विद्युतविहीन मजरे-टोलों की समीक्षा में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 527 विद्युतविहीन मजरे-टोले चिन्हित हैं, जिनमें से जन-मन योजना के अंतर्गत 80 तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत 19 मजरे-टोलों में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिले के 411 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 110 केंद्रों में विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं तथा शेष केंद्रों में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई प्रगति पर है। इस पर सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष विद्युतविहीन मजरे-टोलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में प्राथमिकता के आधार पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि सभी पात्र क्षेत्रों एवं संस्थानों तक समयबद्ध रूप से विद्युत सुविधा की जा सके।

सांसद हिमाद्री सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 32 हजार सिकल सेल एनीमिया मरीजों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से लगभग 2,600 मरीज नियमित रूप से उपचार एवं औषधि प्राप्त कर रहे हैं। इन मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग, स्क्रीनिंग, आवश्यकतानुसार रक्त की उपलब्धता तथा अन्य चिकित्सकीय सेवाओं की सतत निगरानी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। सांसद ने सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य विभाग की अन्य प्रमुख गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।

सांसद ने जल निगम के अंतर्गत संचालित दमेहड़ी जल समूह, किरगी, नानघटी, झिलमिल परियोजना, लपटी जलाशय, मौहरी एवं सीतामढ़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं का कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करते हुए चिन्हित सभी ग्रामों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचाया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

सांसद ने वन विभाग द्वारा संचालित वृक्षारोपण अभियान एवं कैम्पा योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा में वनमंडलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कैम्पा योजना के अंतर्गत विगत 15 दिवस के दौरान लगभग 2 लाख 97 हजार बरगद, पीपल, बांस एवं अन्य प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है। पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं उनके जीवित रहने की दर सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सांसद ने वन क्षेत्र में लंबे समय से निवासरत एवं काबिज पात्र किसानों के वनाधिकार संबंधी प्रकरणों की भी जानकारी प्राप्त कर वनमंडलाधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे पात्र हितग्राहियों, जो वर्षों से वन भूमि पर काबिज हैं, उनके प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर पात्रता के आधार पर पट्टों के वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। इस पर वनमंडलाधिकारी ने अवगत कराया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार वर्ष 2006 की सैटेलाइट इमेजरी एवं अन्य निर्धारित अभिलेखों के आधार पर पात्रता का परीक्षण किया जाता है। निर्धारित मानदंडों को पूर्ण करने वाले पात्र व्यक्तियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप वनाधिकार पट्टे प्रदान करने की कार्यवाही नियमानुसार की जा रही है।

बैठक में विधायक पुष्पराजगढ़ फुंदेलाल मार्को, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह, कलेक्टर हर्षल पंचोली, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी, वनमंडलाधिकारी डेविड वेंकटेश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम सहित जिले के नगरीय निकायों के अध्यक्ष एवं संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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