मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना कांग्रेस के महिला विरोधी चरित्र का प्रमाण : कृष्णा गौर
मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित
भोपाल, 12 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस पर महिला विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का “नारी सम्मान” केवल एक राजनीतिक नारा है, जबकि उसका आचरण हमेशा महिलाओं के प्रति उपेक्षापूर्ण और विरोधाभासी रहा है। कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना इसी मानसिकता का परिणाम है।
कृष्णा गौर ने पत्रकार वार्ता काे संबाेधित करते हुए कहा कि कांग्रेस अब मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने को महिला सम्मान का मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि नामांकन पत्र में आवश्यक जानकारी छिपाए जाने के कारण उनका नामांकन निरस्त हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के ही कुछ नेता नहीं चाहते थे कि मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा पहुंचें, इसलिए उनके नामांकन में महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर शामिल नहीं किया गया।
कांग्रेस ने दो महिलाओं के साथ अन्याय किया
मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि कांग्रेस ने एक नहीं, बल्कि दो महिलाओं के साथ अन्याय किया है। पहली, तेलंगाना की वह महिला कार्यकर्ता, जिसने कांग्रेस के एक नेता पर गंभीर आरोप लगाए थे। दूसरी, स्वयं मीनाक्षी नटराजन, जिनका नामांकन कांग्रेस नेताओं की कथित लापरवाही और षड्यंत्र के कारण निरस्त हुआ। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की महिला कार्यकर्ता द्वारा न्यायालय में दायर याचिका के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया चली और संबंधित प्रकरण में मीनाक्षी नटराजन का नाम भी सामने आया। गौर ने दावा किया कि इस संबंध में जारी न्यायालयीन प्रक्रिया की जानकारी नामांकन के दौरान शपथ-पत्र में नहीं दी गई, जिसके चलते उनका नामांकन निरस्त हुआ।
कांग्रेस के भीतर की राजनीति का परिणाम
कृष्णा गौर ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजे जाने के पक्ष में नहीं थे। इसी कारण नामांकन प्रक्रिया में आवश्यक जानकारी को छिपाया गया और अंततः उनका नामांकन निरस्त हो गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब अपनी आंतरिक राजनीति और चूक का दोष भाजपा पर मढ़ने का प्रयास कर रही है, जबकि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और निर्धारित नियमों के तहत संचालित होती है।
भाजपा ने हमेशा संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया
मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा निर्वाचन आयोग और संविधान द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं का सम्मान करती रही है। भाजपा का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र में तथ्यों को छिपाना गंभीर विषय है और इसी आधार पर संबंधित निर्णय लिया गया। इसे महिला सम्मान से जोड़ना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है भाजपा
कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डाॅ. माेहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में महिलाओं को उचित अवसर और न्याय देने में विफल रही है।
महिला सम्मान पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए
कृष्णा गौर ने कहा कि कांग्रेस को महिला सम्मान के नाम पर राजनीति करने के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि महिलाओं की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना केवल एक चुनावी प्रक्रिया का विषय नहीं, बल्कि कांग्रेस के दोहरे रवैये और महिला सम्मान के प्रति उसके वास्तविक दृष्टिकोण को उजागर करने वाली घटना है। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नंदिता पाठक, प्रदेश मंत्री राजो मालवीय, प्रदेश प्रवक्ता मंजरी जैन, मीडिया पैनलिस्ट गुंजन चौकसे तथा नमिता अग्रवाल भी उपस्थित रहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

