मीनाक्षी नटराजन प्रकरण पर कांग्रेस आक्रामक, कहा- लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर गंभीर आघात
भोपाल, 13 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की अधिकृत उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भोपाल में शनिवार काे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने इसे केवल एक उम्मीदवार का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला बताया।
पत्रकार वार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर के प्रभारी एवं पूर्व विधायक रवि जोशी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, भोपाल ग्रामीण प्रभारी मनोज राजानी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना तथा ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल ने संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज, संगठन महामंत्री अभिषेक शर्मा एवं प्रदीप विश्वकर्मा भी मौजूद रहे।
नामांकन निरस्त करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रहार: रवि जोशी
पूर्व विधायक रवि जोशी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना केवल एक प्रत्याशी के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर आघात है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर नामांकन खारिज किया गया है, उससे चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर पूरे देश में सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद डॉ. विवेक तन्खा तथा वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं कि चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुरूप चलेगी या राजनीतिक दबावों के आधार पर।
कानूनी व्याख्या पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
भोपाल ग्रामीण प्रभारी मनोज राजानी ने कहा कि जिस निजी परिवाद (प्राइवेट कंप्लेंट) का हवाला देकर नामांकन निरस्त किया गया है, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है। दोनों की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है और उन्हें समान मानना गंभीर कानूनी विवाद को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए और फॉर्म-26 का उद्देश्य केवल उन आपराधिक मामलों की जानकारी लेना है, जिनमें उम्मीदवार के खिलाफ विधिवत आपराधिक कार्यवाही चल रही हो। कांग्रेस का मानना है कि नामांकन निरस्तीकरण का आधार इन प्रावधानों की मूल भावना के अनुरूप नहीं है। राजानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नामांकन ऐसे आधारों पर खारिज किए जाते हैं, जिनका स्पष्ट उल्लेख नामांकन प्रपत्र में नहीं है, तो भविष्य में किसी भी उम्मीदवार के लिए मनमानी और अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो सकती है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।
विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास: पीसी शर्मा
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि देश के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या चुनावी संस्थाएं लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेंगी या फिर विपक्ष की आवाज को सीमित करने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन जैसी स्वच्छ छवि, वैचारिक प्रतिबद्धता और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता को चुनावी मैदान से बाहर करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक उम्मीदवार या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान की भावना, निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जनता को भरोसा दिलाया कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

