अनूपपुर: पटरी से उतरी जिले की चिकित्सा व्यवस्थाएं, धक्का मारकर चालू हो रही एम्बुलेंस

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अनूपपुर: पटरी से उतरी जिले की चिकित्सा व्यवस्थाएं, धक्का मारकर चालू हो रही एम्बुलेंस


अनूपपुर: पटरी से उतरी जिले की चिकित्सा व्यवस्थाएं, धक्का मारकर चालू हो रही एम्बुलेंस


अनूपपुर, 07 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले का जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बदहाल होती नजर आ रही है। चिकित्सालय में मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध एम्बुलेंस (108) खुद बीमार स्थिति में पहुंच गई हैं। हालत यह है कि एम्बुलेंस को चालू करने के लिए कर्मचारियों को धक्का लगाना पड़ रहा है।

एम्बुलेंस को धक्का देने का वीडियों शनिवार को सोशल मिडिया में जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल, जिला चिकित्सालय से गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करने और आपातकालीन स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस सबसे महत्वपूर्ण साधन होती है, लेकिन जब यही एम्बुलेंस समय पर चालू न हो पाए तो मरीजों की जान पर बन आती है। चिकित्सालय परिसर में कई बार ऐसा नजारा देखने को मिलता है जब एम्बुलेंस चालू ही नहीं होती और कर्मचारियों को धक्का लगाकर उसे चालू करना पड़ता है।

लगातार चार साल से सेवाएं दे रहीं भोपाल की फर्म जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेस के पास लगभग 26 एम्बुलेंस व 1 शव वाहन है। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से एम्बुलेंस का सही तरीके से मेंटेनेंस नहीं किया गया है। समय-समय पर सर्विसिंग और मरम्मत नहीं होने के कारण एम्बुलेंस की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई बार तकनीकी खराबी के चलते बीच रास्ते में भी बंद हो जाती है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जब अस्पताल की एम्बुलेंस ही इस तरह की हालत में होगी तो आपातकालीन सेवाओं पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।

उनका कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का हाल कुछ और ही दिखाई देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एम्बुलेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवा का नियमित रूप से मेंटेनेंस होना बेहद जरूरी है। यदि एम्बुलेंस समय पर चालू नहीं हो पाएगी तो गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने या दूसरे अस्पतालों में रेफर करने में देरी हो सकती है जिससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। जिला चिकित्सालय में एम्बुलेंस की ऐसी स्थिति स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर करती है।

बिना नंबर प्लेट के चल रही एम्बुलेंस

धक्का मारकर स्टार्ट होने के साथ ही संचालित एम्बुलेंस में नंबर प्लेट ही नहीं है। संचालकों व विभाग की लापरवाही के कारण सड़कों पर बिना नंबर के ही एम्बुलेंस को दौड़ाया जा रहा है। इस विषय पर एम्बुलेंस 108 के समन्वयक ने बताया कि गाड़ी तो हमारी ही फर्म की है और सभी गाड़ियां ठीक हैं, इस एम्बुलेंस की जानकारी नहीं है।

इस संबंध में सीएमएचओ अनूपपुर डॉ. अल्का तिवारी का कहना है कि एम्बुलेंस 108 के समन्वयक ने बताया कि यह गाड़ी किसी अन्य जिले की है, यहां पेंसेट लेकर आई होगी, फिर भी मैं पता लगवाती हूं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

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