मंदसौर : मेट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म पर साढ़े सात लाख की ठगी, अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के छह आरोपित गिरफ्तार
मंदसौर, 29 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मेट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल अपलोड करने वाली शामगढ़ निवासी एक महिला को झांसे में लेकर साढ़े सात लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के छह सदस्यों को मंदसौर पुलिस ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम और पांच एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा आठ लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, शामगढ़ निवासी पीड़िता ने मेट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल अपलोड की थी। इसी दौरान वह साइबर ठगों के संपर्क में आई और उनके झांसे में आकर साढ़े सात लाख रुपये गंवा बैठी। ठगी का पता चलने के बाद पीड़िता ने मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने गिरोह की पहचान करने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीम गठित की। उप निरीक्षक कपिल सोराष्ट्री और उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह कनेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपियों के संबंध में सुराग जुटाए।
जयपुर में दबिश, बिहार से भी आरोपी पकड़ा
पुलिस टीम ने प्राप्त सुरागों के आधार पर राजस्थान के जयपुर में दबिश देकर आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। आरोपितों से पूछताछ और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरोह के एक अन्य सदस्य को बिहार के अरवल जिले से भी अभिरक्षा में लिया गया।
पुलिस ने मामले में त्रिलोकी कुमार (26), निवासी भेलाही, थाना भेलाही, जिला पूर्वी चंपारण, बिहार; शिवम गुप्ता (25), निवासी भेलाही; बबलू कुशवाह (25), निवासी भेलाही; गुंजन गुप्ता (29), निवासी भेलाही; शशि कुमार (24), निवासी भेलाही और टोनी कुमार (34), निवासी छपिया गोपालगंज, बिहार को गिरफ्तार किया है।
22 मोबाइल और 30 सिम बरामद
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत 30 मोबाइल सिम और पांच एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर ठगी से जुड़ी रकम की जांच के दौरान विभिन्न बैंक खातों में जमा आठ लाख रुपये से अधिक की राशि को लिक्विड फ्रीज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, फ्रीज की गई राशि अलग-अलग बैंक खातों में जमा थी। वैधानिक प्रावधानों के तहत न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह राशि पीड़ित को सुपुर्द कराए जाने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले की विवेचना जारी रखी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा साइबर ठगी से संबंधित लेन-देन की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

