मैहर में जंगली हाथी का आतंक, ग्रामीण की मौत और तीन मकान ढहाए

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मैहर में जंगली हाथी का आतंक, ग्रामीण की मौत और तीन मकान ढहाए


मैहर, 08 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के रामनगर विकासखंड अंतर्गत पुरैना पंचायत के सिंगपुर मौहारी गांव में मंगलवार सुबह जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी के हमले में कंछेदी यादव की मौत हो गई। इसके अलावा हाथी ने कई मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। तीन घरों के मलबे में बकरी सहित अन्य पशुओं के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी सामने आई है। पुरैना के सरपंच बीपेन्द्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि वन विभाग को सूचना देने के बावजूद टीम करीब तीन से चार घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस दौरान हाथी गांव में उत्पात मचाता रहा और इसी बीच उसने कंछेदी यादव पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। सरपंच के अनुसार हाथी ने कई घरों को भी गिरा दिया, जिनके मलबे में पशुओं के दबे होने की आशंका है।

रेंजर के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि घटना की गंभीरता के बावजूद अमरपाटन वन परिक्षेत्र के रेंजर मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में जंगली हाथी की मौजूदगी की जानकारी थी तो वन विभाग की ओर से पहले से पर्याप्त सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते वन विभाग की टीम सक्रिय हो जाती तो संभवत: स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता था। घटना के बाद अब वन विभाग की कार्रवाई और जांच पर सभी की निगाहें हैं।

इन क्षेत्रों में हाथी की आवाजाही की आशंका

वन विभाग ने क्षेत्रवासियों को सतर्क करते हुए बताया है कि जंगली हाथी मैहर वन मंडल में रामनगर जनपद क्षेत्र के पास से प्रवेश करने के बाद वर्तमान में देवराजनगर के आसपास मौजूद है। इसके बगदरी, गिधैला, गोरसारी, देवरा मौहाई, किरहाई, मनकहरी, बाराखुर्द, पठरा सहित आसपास के अन्य गांवों और वन क्षेत्रों से होकर गुजरने की संभावना है।

वन विभाग ने रामनगर जनपद के पठरा, भितरी, कोलडिहा, सेदूरा, सोनाड़ी, बड़खोरा, देवरा मौहाई, सोहौला, झिरिया, हिनौता, कुम्हरवार, मुनगहा, गैलरी, गोरसारी, देवराजनगर, कररा, मुहरवा और हटवा सहित गांवों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसी तरह अमरपाटन जनपद के अमझर, किरहाई, तेंदूहटा, भीषमपुर और ईटमा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

हाथी दिखे तो पास न जाएं, वन विभाग को दें सूचना

वन विभाग ने ग्रामीणों से वन क्षेत्र में अकेले प्रवेश नहीं करने की अपील की है। हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने और उसके पीछे नहीं भागने की सलाह दी गई है। हाथी को देखने के लिए आसपास भीड़ नहीं जुटाने को भी कहा गया है।

वन विभाग ने ग्रामीणों को घर में महुआ या अनाज रखने वाले स्थान पर रात में नहीं सोने तथा खेतों में खुले में रात न बिताने की सलाह दी है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

हाथियों की मौजूदगी में बिजली आपूर्ति बंद

वन विभाग से हाथियों की आवाजाही की सूचना मिलने के बाद जनसुरक्षा को देखते हुए विद्युत विभाग ने भी एहतियाती कदम उठाया है। रामनगर सब स्टेशन से निकलने वाले 11 केवी मिरगौती और बरौधा फीडर तथा बड़वार सब स्टेशन से 11 केवी मार्कण्डेय साइड और बड़वार साइड जाने वाली विद्युत आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है।

विद्युत आपूर्ति बंद करने का निर्णय हाथियों की आवाजाही के दौरान करंट की चपेट में आने से किसी अप्रिय घटना और जनहानि को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति कब बहाल की जाएगी, इसका निर्णय हाथियों की स्थिति और वन विभाग से मिलने वाली सुरक्षा संबंधी सूचना के आधार पर लिया जाएगा।

फिलहाल वन विभाग और प्रशासन की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है। ग्रामीणों को सुरक्षित रहने और हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को देने की अपील की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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