मां शारदा मंदिर को प्राधिकरण का दर्जा देने की मांग, समाजसेवी ने शासन को सौंपा प्रस्ताव

WhatsApp Channel Join Now
मां शारदा मंदिर को प्राधिकरण का दर्जा देने की मांग, समाजसेवी ने शासन को सौंपा प्रस्ताव


मैहर, 17 जून (हि.स.)। मैहर के समाजसेवी रमापति गौतम ने मध्य प्रदेश शासन एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग से माँ शारदा देवी मंदिर को ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकृत कर प्राधिकरण का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की तर्ज पर मैहर स्थित माँ शारदा धाम के लिए भी स्वतंत्र प्राधिकरण का गठन किया जाना चाहिए।

रमापति गौतम का कहना है कि माँ शारदा देवी मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद आज तक मंदिर का ट्रस्ट गठन नहीं हुआ और न ही इसे प्राधिकरण का दर्जा मिल सका है।

उन्होंने मांग की है कि मंदिर प्रबंध समिति का मध्यप्रदेश सार्वजनिक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत विधिवत पंजीयन किया जाए तथा माँ शारदा मंदिर के साथ क्षेत्र के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल कर “माँ शारदा मंदिर प्राधिकरण” का गठन किया जाए। प्रस्तावित प्राधिकरण में बड़ा अखाड़ा, गोला मठ, नीलकंठ आश्रम, शीतला मंदिर और जगन्नाथ मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को भी शामिल करने की बात कही गई है।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्राधिकरण के माध्यम से पानी खोह सहित पूरे तीर्थ क्षेत्र का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाए। साथ ही क्वार एवं चैत्र नवरात्रि मेले को राजकीय मेला घोषित कर इसके लिए पृथक बजट आवंटित करने की मांग भी उठाई गई है। भविष्य में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सालय, धर्मशाला तथा संस्कृत एवं खगोल अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

शीघ्र दर्शन शुल्क व्यवस्था पर उठाए सवाल

रमापति गौतम ने मंदिर में संचालित शीघ्र दर्शन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शीघ्र दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से विभिन्न श्रेणियों में अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने अन्य प्रमुख मंदिरों की तुलना करते हुए शुल्क व्यवस्था की समीक्षा करने और श्रद्धालुओं के हित में इसे तर्कसंगत बनाने की मांग की है।

समाजसेवी ने शासन से आग्रह किया है कि माँ शारदा धाम के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए इसे प्राधिकरण का दर्जा देकर दीर्घकालिक विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

Share this story