रियल एस्टेट कारोबारी प्रशासन के दुश्मन नहीं, लेकिन नियमों का पालन जरूरी : एसडीएम
मैहर, 12 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ग्राम धतूरा में 7.33 हेक्टेयर भूमि पर जारी रोक के बीच जमीन की रजिस्ट्री दोबारा शुरू होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित लोगों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है। एसडीएम दिव्या पटेल ने स्पष्ट किया कि रियल एस्टेट कारोबार करना गलत नहीं है, लेकिन नियमों को दरकिनार कर जमीन की प्लाटिंग और बिक्री स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्राम धतूरा में पिछले करीब एक वर्ष से जमीन की खरीद-फरोख्त और कथित अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया था। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम दिव्या पटेल ने संबंधित 7.33 हेक्टेयर भूमि के नामांतरण, क्रय-विक्रय और अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद उप पंजीयक कार्यालय में उक्त भूमि की रजिस्ट्री दोबारा शुरू होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
इसी बीच भू-माफिया द्वारा वर्ष 2023 में महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय से जारी एक सामान्य परिपत्र को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर यह दावा किए जाने की बात सामने आई है कि उसके आधार पर प्लाटिंग कर जमीन बेचने की अनुमति है। प्रशासन का कहना है कि उक्त परिपत्र का ग्राम धतूरा की संबंधित भूमि के मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। सामान्य आदेश को आधार बनाकर विशिष्ट भूमि पर लागू रोक को निष्प्रभावी नहीं किया जा सकता।
एसडीएम दिव्या पटेल ने कहा कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रशासन के दुश्मन नहीं हैं। व्यापार करना गलत नहीं है, लेकिन सरकारी नियमों का उल्लंघन कर कारोबार करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग अथवा बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने वाले लोग स्वयं इसके लिए जिम्मेदार होंगे। मामले में तहसीलदार और पटवारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं तथा आगे बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एसडीएम ने कहा कि मैहर के जिला बनने के बाद क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। इसी का फायदा उठाकर खेत-खलिहानों में बिना जरूरी सुविधाओं के प्लाटिंग की जा रही है। कई स्थानों पर न तो सड़क की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे स्थानों पर प्लाट खरीदने वाले लोगों को बाद में कब्जा हासिल करने में परेशानी होती है और उन्हें शिकायत लेकर प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे कई मामलों की जांच फिलहाल जारी है।
उन्होंने रियल एस्टेट कारोबारियों से अपील की कि वे नियमानुसार कॉलोनाइजर लाइसेंस प्राप्त कर ही कॉलोनी विकसित करें। एसडीएम ने बताया कि पात्र कारोबारियों को लाइसेंस दिलाने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए प्रशासन द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश सहित संबंधित विभागों से चर्चा की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य नियमों के दायरे में वैध विकास को बढ़ावा देना है, जबकि अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

