जैविक खेती समय की मांग, रासायनिक खाद से कमजोर हो रही धरती को बचाना जरूरी: विधायक श्रीकांत
मैहर, 19 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ग्राम बराखुर्द में कृषि विभाग द्वारा शुक्रवार को प्राकृतिक खेती के लाभ विषय पर कृषि संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से धरती की उर्वरता प्रभावित हो रही है, ऐसे में मिट्टी की सेहत बचाने के लिए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा।
विधायक चतुर्वेदी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आने वाले भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान कठिन परिस्थितियों में भी कृषि और पशुपालन को जीवित रखने वाले मेहनतकश किसानों से है। जल संकट, कम वर्षा, बढ़ती गर्मी और भूमि की क्षारीयता जैसी चुनौतियों के बीच किसान देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच सबसे महत्वपूर्ण सेतु हैं। पिछले कुछ दशकों में उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक खाद और कीटनाशकों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया, जिससे उत्पादन तो बढ़ा लेकिन मिट्टी की गुणवत्ता, जल संरक्षण और मानव स्वास्थ्य पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ने लगा है।
विधायक ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से भूमि की उत्पादक क्षमता घट रही है और खेती की लागत भी बढ़ रही है। आज स्थिति यह है कि किसानों को हर साल पहले से अधिक खाद डालनी पड़ती है, फिर भी उत्पादन स्थिर बना हुआ है। ऐसे में गोबर, गौमूत्र आधारित खाद और जैविक घोल खेती को टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और धरती माता की सेहत बचाने का आह्वान किया गया है। खेती केवल फसल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि मिट्टी, जल, पशुधन और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने की जीवन पद्धति है।
विधायक चतुर्वेदी ने बताया कि वर्तमान में दुनिया के कई देशों में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत के पारंपरिक कृषि ज्ञान में भी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को महत्व दिया गया है। हमारा दायित्व है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ और स्वस्थ धरती सुरक्षित रखें।
कार्यशाला का शुभारंभ मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, जिला भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष विक्रम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ और उसके वैज्ञानिक आधार की जानकारी दी। कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीजों के मिनी किट वितरित किए गए। वहीं कृषि अभियांत्रिकी विभाग की ओर से आधुनिक कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें मिनी ट्रैक्टर, स्मार्ट सीडर सहित अन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए।
इस दौरान राम गोपाल शर्मा, रामफल गौतम, मंडल अध्यक्ष सचिन मिश्रा, भाजपा उपाध्यक्ष अंबुज द्विवेदी, श्रीमती बुटिया साकेत सहित बड़ी संख्या में किसान और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बारिश होने के बावजूद किसान प्राकृतिक खेती के लाभों को लेकर उत्साहित नजर आए।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

