मैहर की मां शारदा गौशाला में 2,000 गोवंश की क्षमता वाले शेड का होगा निर्माण
मैहर, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर में मां शारदा प्रबंधक समिति देवीजी द्वारा संचालित गौशाला के विकास, विस्तार और गोवंश संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बुधवार को तहसील एसडीएम कार्यालय परिसर में आयोजित बैठक में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने गौशाला में 2,000 गोवंश की क्षमता वाले शेड के निर्माण सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में शारदा प्रबंधक समिति के सदस्य, पशुपालन विभाग के अधिकारी, तहसीलदार, पटवारी और वन विभाग के रेंजर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में गौशाला के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर आवश्यक प्रस्तावों पर सहमति बनी और उनके शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
विधायक चतुर्वेदी ने गौशाला को व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े भूसा भंडारण शेड के निर्माण तथा ट्रैक्टर, भूसा मशीन और अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद के निर्देश दिए। उन्होंने भूसे की कीमतें कम रहने के दौरान पर्याप्त मात्रा में उसका भंडारण करने की योजना पर भी जोर दिया, ताकि गोवंश के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में गौशाला के विस्तार और उसकी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पर विशेष चर्चा हुई। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को शासकीय भूमि से तत्काल अतिक्रमण हटाने और गोवंश की सुरक्षा के लिए जाली लगवाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य गोवंश के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनके संरक्षण की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
मैहर शहर से लगी ग्राम पंचायतों की गौशालाओं को विकसित करने और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने पर भी जोर दिया गया। इसके माध्यम से शहर और आसपास के क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा उन्हें सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की योजना है।
विधायक चतुर्वेदी ने गौशाला में सेवा कार्यों के लिए अनुभवी और समर्पित व्यक्तियों का चयन करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि गोवंश की देखभाल, चारा-भूसा प्रबंधन, गोबर के निस्तारण और साफ-सफाई में दक्ष लोगों को नियमित रूप से गौशाला में कार्यरत रखा जाए, ताकि व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन हो सके।
बैठक में लिए गए निर्णयों से मां शारदा गौशाला को आदर्श, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं से युक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की गई है। संबंधित विभागों के समन्वय से गौसेवा और गोवंश संरक्षण की व्यवस्थाओं को मजबूत करने की उम्मीद जताई गई।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

