बांधवगढ़ से मैहर पहुंचे हाथी ने रात में दो मकानों को किया क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में दहशत
मैहर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकलकर बाणसागर डैम पार करते हुए अमरपाटन रेंज में पहुंचा कॉलर आईडी युक्त नर हाथी ई-5 लगातार ग्रामीण इलाकों में नुकसान पहुंचा रहा है।
जंगल से लगे गांवों में हाथी की आवाजाही से लोगों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात हाथी ने रामनगर जनपद क्षेत्र की सेमरिया ग्राम पंचायत में दो मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। एक मकान की दीवार तोड़ दी, जबकि दूसरे ग्रामीण का कच्चा घर गिरा दिया। घटना के बाद प्रभावित परिवारों में भय का माहौल है। मौके पर हाथी के पैरों के निशान भी मिले हैं।
जानकारी के अनुसार, हाथी शुक्रवार रात अंधेरा होने के बाद जंगल से निकलकर सेमरिया ग्राम पंचायत क्षेत्र की आबादी में पहुंचा। इस दौरान उसने अधिवक्ता संतोष पांडेय के घर की दीवार तोड़ दी। वहीं, मनकहरी गांव में एक ग्रामीण का कच्चा मकान भी गिरा दिया। दोनों मकानों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी गोरसरी पहाड़ की ओर बढ़ गया। रात के समय हाथी की आबादी में आवाजाही से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमरपाटन रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल हाथी की मौजूदगी ग्राम पंचायत गोरसरी पहाड़ क्षेत्र में है। शुक्रवार-शनिवार की रात हाथी ने एक मकान की दीवार तोड़ी और दूसरे घर को नुकसान पहुंचाया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। विभागीय अमला हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। आशंका है कि हाथी आसपास के गांवों अथवा उनसे लगे जंगलों की ओर बढ़ सकता है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने, पीछा करने या उसे देखने के लिए भीड़ न लगाएं। अकेले जंगल में जाने से बचें और हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। उसके रास्ते में खड़े होने या उसे घेरने का प्रयास करना खतरनाक हो सकता है।
वन विभाग ने विशेष रूप से उन ग्रामीणों को सतर्क किया है, जो महुआ और अनाज रखने वाले स्थानों के आसपास रात बिताते हैं। ऐसे स्थानों पर सोने से बचने के साथ खेतों में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों को हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उसके संभावित रास्तों से दूर रहने को कहा गया है।
फिलहाल वन विभाग के सामने हाथी की आवाजाही पर नजर रखने के साथ जंगल से लगे गांवों के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

