मैहरः आस्था की नगरी में वन्यजीव का पहरा फलाहारी आश्रम तक पहुंचा तेंदुआ

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मैहरः आस्था की नगरी में वन्यजीव का पहरा फलाहारी आश्रम तक पहुंचा तेंदुआ


मैहर, 04 जून (हि.स) मध्य प्रदेश के मैहर में मां शारदा मंदिर की पहाड़ी के नीचे स्थित फलाहारी आश्रम में बुधवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब गुरुकुल में रह रहे छात्रों के भोजन के दौरान एक तेंदुआ आश्रम परिसर के नजदीक पहुंच गया। तेंदुए की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं।

पिछले 15 दिनों से लगातार देखी जा रही उसकी मौजूदगी अब बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। आश्रम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में तेंदुए की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब फलाहारी आश्रम के आसपास तेंदुआ देखा गया हो। पिछले कुछ दिनों से लगातार उसकी मौजूदगी महसूस की जा रही है।

फलाहारी आश्रम के महंत रामलोचन महाराज ने बताया कि पिछले लगभग 15 दिनों से आश्रम और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार रात भी तेंदुआ आश्रम तक पहुंच गया था, जिसे लोगों ने शोर मचाकर वहां से भगाया। महंत ने कहा कि इस संबंध में वन विभाग को कई बार सूचना दी जा चुकी है।

हालांकि विभाग का कहना है कि जब तक तेंदुआ किसी व्यक्ति पर हमला नहीं करता या किसी प्रकार की जनहानि नहीं होती, तब तक उसे पकड़ने अथवा हटाने की कार्रवाई के लिए नियमों के तहत विशेष हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। गुरुकुल में रहने वाले बच्चों के अभिभावकों ने तेंदुए की लगातार मौजूदगी पर चिंता जताई है।

उनका कहना है कि आश्रम में छोटे बच्चे रहते हैं और क्षेत्र में श्रद्धालुओं का भी आना-जाना बना रहता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने, निगरानी कैमरे लगाने और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि भले ही अब तक कोई हमला नहीं हुआ हो, लेकिन आबादी वाले क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मौजूदगी भविष्य में खतरा पैदा कर सकती है। घटना के बाद वन विभाग पर निगरानी बढ़ाने और आवश्यक कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। पहाड़ी और जंगल से सटे क्षेत्रों में तेंदुओं की मौजूदगी सामान्य मानी जाती है, लेकिन जब वन्यजीव आबादी के बीच पहुंचने लगें तो सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता दोनों जरूरी हो जाती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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