मैहर में हाथियों की दस्तक से दहशत, अमरपाटन से तीन किमी दूर डेरा

WhatsApp Channel Join Now
मैहर में हाथियों की दस्तक से दहशत, अमरपाटन से तीन किमी दूर डेरा


मैहर, 09 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के मैहर जिले में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीण इलाकों में दहशत फैल गई है। शुक्रवार रात कैमोर पहाड़ से निकलकर हाथियों का एक जोड़ा अमरपाटन वन रेंज के ग्राम जुड़मनिया पहुंच गया, जो अमरपाटन शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित है। हाथियों के आबादी के नजदीक पहुंचने की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल बन गया।

ग्रामीणों के अनुसार देर रात पेड़ों के टूटने और तेज हलचल की आवाजें सुनाई दीं। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो गांव के समीप स्थित बगीचे में दो हाथी दिखाई दिए। इसके बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग पूरी रात घरों से बाहर निगरानी करते रहे, जबकि कुछ परिवार डर के कारण जागते रहे।

बताया जा रहा है कि हाथियों ने गांव के पास स्थित केले और आम के बगीचों में घुसकर नुकसान पहुंचाया। कई केले के पौधे उखड़ गए, वहीं आम के पेड़ों की डालियां टूट गईं और फलों को भी नुकसान पहुंचा। सुबह ग्रामीणों ने बगीचों का जायजा लिया तो भारी क्षति सामने आई।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। विभाग ने इलाके की घेराबंदी कर लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। देर रात तक एसडीओ, रेंजर समेत करीब दो दर्जन वनकर्मी क्षेत्र में तैनात रहे और हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। वन अमले ने ग्रामीणों को किसी भी तरह की आवाज या हरकत से हाथियों को उकसाने से बचने की चेतावनी भी दी।

हाथियों की मौजूदगी अमरपाटन शहर के बेहद करीब होने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि हाथी आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़े तो बड़ा हादसा हो सकता है। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

वन विभाग के अनुसार यही हाथियों का जोड़ा इससे पहले रीवा जिले में भी देखा गया था, जहां खेतों और ग्रामीण इलाकों में नुकसान की घटनाएं सामने आई थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में बढ़ती मानवीय गतिविधियों और भोजन-पानी की कमी के कारण जंगली हाथी अब आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।

मैहर वन विभाग के एसडीओ यशपाल मेहरा ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार निगरानी और रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है। प्रयास किया जा रहा है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजा जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति हाथियों के पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करे और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

Share this story