मैहर में जंगली हाथी ई-5 की मौजूदगी से 30 से अधिक गांव अंधेरे में, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
मैहर, 03 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जंगली हाथी ई-5 की मौजूदगी से अमरपाटन क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में रात के समय बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। चोरखरी गांव के आसपास हाथी की गतिविधियों को देखते हुए उसकी सुरक्षा के मद्देनजर भीषमपुर और कठहा फीडर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। इससे कई गांवों के लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। मौके पर वन विभाग की टीम तैनात है और हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जन्माष्टमी के दौरान भी जंगली हाथी के ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण करने के कारण एक सप्ताह से अधिक समय तक रात में बिजली बंद रखी गई थी। अब दोबारा बिजली आपूर्ति बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर हाथी की मौजूदगी के कारण 30 से अधिक गांवों के लोगों को कब तक अंधेरे में रहना पड़ेगा।
धौरहरा के सरपंच महिपाल सिंह तिवारी ने मैहर कलेक्टर, अमरपाटन के अनुविभागीय अधिकारी तथा वन और बिजली विभाग के अधिकारियों से हाथी के लिए जल्द उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाथी की सुरक्षा के साथ ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वन और बिजली विभाग को मिलकर ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे लोगों की सुरक्षा बनी रहे और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित न हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दिन से बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और रातभर आपूर्ति बंद रखने का सिलसिला जारी रहा, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है। अब ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार है।
इधर, सोमवार रात जंगली हाथी ई-5 ने एक गाय को मार डाला। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह हाथी पहले भी तीन लोगों की जान ले चुका है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल कुमकी ऑपरेशन चलाकर हाथी को क्षेत्र से हटाने की मांग की है।
वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर लोगों की भीड़ जुटने से हाथी बेकाबू हो गया और उसने गाय पर हमला कर दिया। हाथी की मौजूदगी और लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच ग्रामीण उसकी आवाजाही पर नियंत्रण तथा सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

