मैहर में खसरे से तीन साल के मासूम की मौत, छह बच्चे संक्रमित; स्कूल-आंगनबाड़ी बंद करने की तैयारी

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मैहर में खसरे से तीन साल के मासूम की मौत, छह बच्चे संक्रमित; स्कूल-आंगनबाड़ी बंद करने की तैयारी


मैहर, 23 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में खसरा (मीजल्स) संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। जिले के अजमाइन गांव में खसरे से संक्रमित तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गांव में अब तक छह बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को सात दिनों तक बंद रखने की सिफारिश की है।

जानकारी के अनुसार, अजमाइन गांव के पटेल मोहल्ला में खसरे का संक्रमण तेजी से फैला है। संक्रमित बच्चों में तेज बुखार, शरीर पर लाल चकत्ते, सर्दी-जुकाम, उल्टी और डायरिया जैसे लक्षण सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में बच्चों के मीजल्स संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

मृतक बच्चे की पहचान उमंग पटेल (3) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, बच्चे को 6 जून से बुखार, शरीर पर दाने और उल्टी-दस्त की शिकायत थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ओआरएस उपलब्ध कराया और सैंपल भी लिया, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका। 11 जून को परिजन उसे मैहर अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद 15 जून को आई रिपोर्ट में बच्चे के खसरा संक्रमित होने की पुष्टि हुई।

स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि संक्रमण की शुरुआत पन्ना जिले से आए एक बच्चे से हुई थी। इसके संपर्क में आने के बाद परिवार और रिश्तेदारों के अन्य बच्चों में भी संक्रमण फैला। वर्तमान में चिराग पटेल, सखैरुन निशा, तमन्ना मोहम्मद, ऋषि पटेल और कार्तिक पटेल सहित छह बच्चों में खसरे की पुष्टि हुई है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुचित्रा अग्रवाल ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए आउटब्रेक रिस्पांस इम्यूनाइजेशन अभियान चलाया गया था। उन्होंने माना कि नियमित निगरानी और फॉलोअप में कमी रही, जिसके कारण स्थिति गंभीर हुई। संबंधित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने मैहर कलेक्टर को पत्र भेजकर अजमाइन गांव के सरकारी एवं निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को सात दिनों के लिए बंद करने की सिफारिश की है। प्रस्ताव में कक्षा आठवीं तक के बच्चों की उपस्थिति रोकने और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की भीड़ न जुटाने की बात कही गई है। साथ ही हितग्राहियों को टेक-होम राशन घर-घर पहुंचाने का सुझाव दिया गया है।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में लगातार निगरानी कर रही हैं। संक्रमित बच्चों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। वहीं मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और वे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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