भोपाल में शुरू हुई महर्षि मैत्री मैच शृंखला, धोती-कुर्ता और तिलक-त्रिपुंड के साथ मैदान में उतरे खिलाड़ी, संस्कृत में गूंजा कमेंट्री बॉक्स
भोपाल, 05 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अंकुर खेल मैदान में सोमवार से क्रिकेट का एक अलग ही रंग देखने को मिला। यहां साेमवार से शुरू हुई महर्षि मैत्री मैच शृंखला-6 में क्रिकेट मैच पारंपरिक अंदाज में खेला जा रहा है। खिलाड़ी धोती-कुर्ता और तिलक-त्रिपुंड के साथ मैदान में उतर रहे हैं, जबकि कमेंट्री हिंदी या अंग्रेजी की बजाय पूरी तरह संस्कृत भाषा में कमेंट्री की जा रही है।
वैदिक ब्राह्मण युवा खेल कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट महर्षि मैत्री मैच शृंखला-6 के तहत 5 से 9 जनवरी तक चलेगा, जिसमें 27 टीमें हिस्सा ले रही हैं। साेमवार दोपहर दो बजे खेल मंत्री विश्वास सारंग ने टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। इसके बाद टीमें मैदान में दो-दो हाथ हाजमाने के लिए उतर गईं।
बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया ने बताया, टूर्नामेंट में पूरे प्रदेश से 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं। वैदिक ब्राह्मण युवा खेल कल्याण समिति यह आयोजन परशुराम कल्याण बोर्ड के संयोजन से कर रही है। यह आयोजन लगातार छठे वर्ष किया जा रहा है। मैच दौरान क्रिकेट से जुड़े रोजमर्रा के शब्द भी संस्कृत में बोले जाएंगे। मैच के दौरान खिलाड़ी धोती-कुर्ता के साथ माथे पर तिलक और त्रिपुंड लगाए नजर आ रहे हैं। रन लेने से लेकर आउट होने तक मैदान पर होने वाला हर संवाद संस्कृत भाषा में हो रहा है, जो इस टूर्नामेंट को प्रदेश का अनूठा आयोजन बनाता है। इस मैच का उद्देश्य हिंदू संस्कृति को बढ़ावा देना है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस तरह का आयोजन काशी में ही देखने को मिलता रहा है। महर्षि मैत्री समिति का उद्देश्य खेल से भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाना है। भगवान श्रीकृष्ण भी कन्दुक क्रीड़ा यानी गेंद का खेल खेलते थे।
समिति के कोषाध्यक्ष अवनीश त्रिवेदी ने बताया कि टूर्नामेंट में दिल्ली, महाराष्ट्र से भी टीमें आई हैं। संस्कृत का प्रचार-प्रसार और विस्तार कैसे हो? यह भी टूर्नामेंट में बताया जा रहा है। प्रतियोगिता के विजेता-उप विजेता टीमों को पुरस्कार दिए जाएंगे। मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार के रूप में श्रीमद भागवत गीता और श्रीरामचरित मानस भेंट की जाएगी। विजेता टीम को बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री से मिलने का मौका मिलेगा।
किसे क्या बोल रहे?
पिच- क्षिप्या, बॉल- कन्दुकम्, बैट- वल्लकः, रन- धावनम्, फोर (4 रन)- चतुष्कम्, सिक्स(6 रन)- षठकम्, अंपायर-निर्णायक।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

