उज्जैन : महामंडलेश्वर ज्ञानदास प्रकरण में नए दस्तावेज और वीडियो वायरल, पुलिस कर रही जांच

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उज्जैन : महामंडलेश्वर ज्ञानदास प्रकरण में नए दस्तावेज और वीडियो वायरल, पुलिस कर रही जांच


उज्जैन, 31 जुलाई (हि.स.)। उज्जैन स्थित दादूराम आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास से जुड़े विवाद में सोशल मीडिया पर कथित विवाह प्रमाणपत्र, फोटो, चैट और एक वीडियो वायरल होने के बाद मामला और चर्चाओं में आ गया है। हालांकि, इन दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, ज्ञानदास ने इन्हें फर्जी बताते हुए अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र में ज्ञानदास और एक महिला का नाम एवं फोटो दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। दस्तावेज में विवाह की तिथि 11 अक्टूबर 2021 तथा प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि 20 अक्टूबर 2021 अंकित बताई जा रही है। इसके साथ ही एक महिला के साथ उनकी कुछ तस्वीरें और कथित चैट भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं। इनकी प्रामाणिकता की किसी सक्षम एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।

इसी बीच एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला और एक युवती कथित रूप से ज्ञानदास के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो करीब चार माह पुराना है और किसी अन्य विवाद से जुड़ा है। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

ज्ञानदास ने वायरल हो रही सभी सामग्री को फर्जी बताते हुए कहा है कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से यह सामग्री प्रसारित की जा रही है। उनका कहना है कि जिस महिला के नाम से कथित विवाह प्रमाणपत्र प्रसारित किया जा रहा है, उससे संबंधित मामला पहले भी न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है और प्रमाणपत्र को लेकर उन्होंने पहले ही आपत्ति दर्ज कराई थी।

उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले आश्रम में रहने वाली एक महिला ने महाकाल थाने में ज्ञानदास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने अपने आवेदन में दुष्कर्म, मारपीट, जान से मारने की धमकी और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

दूसरी ओर, ज्ञानदास का कहना है कि संबंधित महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और लगाए गए आरोप निराधार हैं।

महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल

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