मध्य प्रदेश में 15.4 इंच कम बारिश, कोटे की आधे भी नहीं बरसे बादल, अगले दो दिन भारी बारिश के आसार नहीं
- प्रदेश के 42 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा
भोपाल, 03 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब भी सामान्य से पीछे चल रही है। प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश की सामान्य मौसमी वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। रविवार को केवल सीहोर में तेज बारिश दर्ज हुई, जबकि अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने से बारिश के आंकड़ों में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।
42 जिलों में सामान्य से कम बारिश
अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा हो चुकी है।
सिस्टम सक्रिय, लेकिन असर कमजोर
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ के साथ दो अन्य मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम होने के कारण भारी बारिश का दौर फिलहाल थमा हुआ है। अगले दो दिनों तक अधिकांश जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है, लेकिन भारी वर्षा के संकेत नहीं हैं।
हालांकि 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 5 अगस्त से मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

