मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी, जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा, नौगांव सबसे गर्म

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मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी, जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा, नौगांव सबसे गर्म


मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी, जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा, नौगांव सबसे गर्म


भोपाल, 20 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में गर्मी ने अब तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को जबलपुर में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने में पिछले तीन वर्षों का सबसे अधिक है। वहीं, छतरपुर जिले के नौगांव में पारा 44.3 डिग्री तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में लू का असर भी देखने को मिला।

मौसम विभाग अनुसार, आज सोमवार को भी प्रदेश में गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला और छतरपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहेगा।

बीते रविवार को पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहा। छतरपुर का नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां पहली बार इस सीजन में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचा। मंडला 43.9 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा खजुराहो में 43.4 डिग्री, दतिया, उमरिया और सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री और नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। सीधी और सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, रीवा में 42.4 डिग्री, धार में 42.2 डिग्री तथा टीकमगढ़ और श्योपुर में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखा। जबलपुर में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हालांकि, रविवार को दक्षिणी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा—में गरज-चमक के साथ मौसम बदला हुआ नजर आया। भोपाल में भी दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन सोमवार से मौसम साफ होने की संभावना है, जिससे गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम में बदलाव की वजह पिछले दो दिनों से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन को बताया जा रहा है। इसके कारण बादल बने रहे। मौसम विभाग का कहना है कि 23 अप्रैल को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित ही रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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