मध्य प्रदेश में पश्चिमी हिस्से में बारिश का जोर, उज्जैन समेत 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

WhatsApp Channel Join Now
मध्य प्रदेश में पश्चिमी हिस्से में बारिश का जोर, उज्जैन समेत 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट


मध्य प्रदेश में पश्चिमी हिस्से में बारिश का जोर, उज्जैन समेत 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट


भोपाल, 14 सितम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पश्चिमी हिस्से में सक्रिय हो गया है। रविवार को इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में बारिश हुई। बड़वानी में नदी-नाले उफान पर आ गए, टीकमगढ़ में बांध के गेट खोलने पड़े। आज सोमवार को उज्जैन समेत सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और ट्रफ के असर से पश्चिमी जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। इनमें निम्न दाब क्षेत्र के साथ ट्रफ भी शामिल है। इनके प्रभाव से अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश वाले इंदौर और उज्जैन संभाग में भी बारिश का जोर बढ़ा है। रविवार को इंदौर, मुरैना, रतलाम समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई। टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोल दिए गए। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही। महू, ओंकारेश्वर और रतलाम में भी तेज बारिश हुई।

सोमवार को इन 7 जिलों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से तेज बारिश होने का अनुमान है।

15 सितंबर के बाद घटेगा बारिश का जोर

मौसम विभाग के मुताबिक, 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। उनके अनुसार 13 सितंबर की बारिश को अकेली घटना नहीं माना जा सकता। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की दिशा में आगे बढ़ने के दौरान पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका असर बना रह सकता है। हालांकि, 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है। अगले सात दिनों के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्यप्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।

32 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश

प्रदेश में बारिश के आंकड़ों की तस्वीर अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से 1 प्रतिशत तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।

हालांकि, पिछले एक सप्ताह में इन आंकड़ों में काफी सुधार आया है। कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बनने से पूर्वी हिस्से का बारिश घाटा तेजी से कम हुआ। सीजन में पहली बार यह हिस्सा आंकड़ों में बेहतर स्थिति में पहुंचा था, लेकिन रविवार तक फिर करीब 1 प्रतिशत की कमी दर्ज हो गई।

दूसरी ओर पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7 प्रतिशत से 52 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

23 जिलों में औसत से ज्यादा पानी

प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच चुका है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

Share this story