एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

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एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री


एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री


एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री


एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री


- मुख्यमंत्री ने ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ का किया शुभारंभ

- एआई लिटरेसी मिशन के तहत कौशल रथ को दिखाई हरी झंडी

भोपाल, 15 जनवरी (हि.स.) । राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। उक्त बातें मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही हैं ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को राजधानी भोपाल के ताज लेक फ्रंट में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ।

डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना का केंद्र भी है। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के उद्देश्य से एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत आरंभ युवा एआई फॉर ऑॅल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपीएसईडीसी प्रदेश में एआई इंफ्रॉस्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी है।

एआई अब केवल तकनीक नहीं, नीति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक सशक्त माध्यम बना : मुख्य सचिव जैन

इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन का कहना रहा कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक व नागरिक-केंद्रित होगी। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इको सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राज्य ने बनाये 4 प्रमुख स्तंभ : एसीएस दुबे

अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश सरकार ने “AI for People, Planet, and Progress” के सिद्धांत पर आधारित एक स्पष्ट और दीर्घकालिक एआई रोडमैप तैयार किया है। राज्य का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब प्रयोगात्मक तकनीक नहीं, बल्कि शासन की एक मुख्य क्षमता बन चुकी है। एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य 4 प्रमुख सक्षम स्तंभों-अवसंरचना, डेटा, प्रतिभा और रणनीति को सुदृढ़ कर रहा है।

भारत के युवा, दुनिया की शीर्ष कंपनियों को कर रहे लीड : सीईओ इंडिया एआई सिंह

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई अभिषेक सिंह ने कहा कि हमारे देश के युवा, दुनिया की शीर्ष कंपनियों को लीड करते हैं। देश में एआई के क्रियान्वयन में भारत अभी तीसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्रियान्वित हो रहा भारत का एआई मिशन 7 प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। भारत सरकार ने एआई डेटा सेट्स तैयार किए हैं। अनुवाद के लिए पोर्टल भाषिणी विकसित किया गया है। हम चैट जीपीटी के जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म विकसित कर रहे हैं, जिसे नेशनल एआई समिट से पहले फरवरी में लॉन्च किया जाएगा। स्किल्ड यूथ तैयार करने के लिए एआई से संबंधित रिसर्च फैलोशिप शुरू की गई है। देश में एआई डेटा लैब्स बनाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में इस प्रकार के 30 एआई डेटा लैब्स तैयार किए जाने हैं। यहां से लाखों युवाओं के डेटा एनालिस्ट के लिए प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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