मध्य प्रदेश में संगठित जीएसटी चोरी का आरोप, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र

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मध्य प्रदेश में संगठित जीएसटी चोरी का आरोप, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र


भाेपाल, 16 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से हो रही जीएसटी चोरी को लेकर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय स्तर पर व्यापक जांच कराने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने अपने पत्र में दावा किया है कि विभिन्न राज्यों से मध्य प्रदेश में एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर बिना वैध कर भुगतान के माल की आवाजाही और व्यापार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी निष्पक्ष जांच केंद्रीय स्तर पर कराई जाना आवश्यक है।

सिंघार ने साेमवार काे बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से आयरन, निर्माण सामग्री और मसालों सहित अन्य व्यापारिक वस्तुएं बड़ी मात्रा में ट्रकों के माध्यम से मध्यप्रदेश लाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खपाई जा रही हैं। आरोप है कि इन सामानों पर वैध जीएसटी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि इस संगठित व्यवस्था में कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कई मामलों में फर्जी E-Way Bill के माध्यम से माल का परिवहन किया जा रहा है, जबकि कुछ मामलों में माल की वास्तविक मात्रा और कीमत को कम दिखाकर अंडर-इनवॉइसिंग की जा रही है, ताकि देय GST कम चुकाया जा सके।

सिंघार ने यह भी कहा कि इस पूरे नेटवर्क को बिचौलियों और ट्रांसपोर्टरों का एक मजबूत सिंडिकेट संचालित कर रहा है, जो सीमा क्षेत्रों से लेकर प्रदेश के प्रमुख बाजारों तक माल की सप्लाई बिना टैक्स चुकाए करवाता है।

नेता प्रतिपक्ष का दावा है कि इस तरह की गतिविधियों के कारण केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये के GST राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस मामले से जुड़े पुख्ता प्रमाण भी मौजूद हैं।

उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा इसमें शामिल संगठित नेटवर्क, परिवहन चैनलों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका की गहन पड़ताल कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

सिंघार ने इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC), मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री और वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव को भी भेजी है, ताकि मामले पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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