मंदसौरः भगवान जगन्नाथ की यात्रा के लिए तैयार हो रहा विशेष रथ
मंदसौर, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की प्रथम बार, 500 वर्ष प्राचीन चमत्कारी एवं सिद्ध क्षेत्र शिवना तट पर बने मंदिर (भगवान जगन्नाथ धाम) से 16 जुलाई को दोपहर 3 बजे यात्रा निकलेगी। भक्तजनों ने अपनी श्रद्धा-राशि से भगवान जगन्नाथ जी के रथ का निर्माण करवाने के साथ ही, भगवान को विराजमान करने के लिए बड़े उत्साह के साथ सभी समाज जनों को यात्रा में जोड़ने और मंदिर निर्माण में भी सतत सहयोग किया है। साथ ही वे रथयात्रा की तैयारी में सहयोग कर रहे हैं।
यात्रा प्रमुख राजेश गुर्जर एवं ललित खेमानी ने बुधवार को बताया कि यह अद्भुत दृश्य देखने के लिए पूरा नगर उत्साहित है। ओडिशा की तर्ज पर बने जगन्नाथ मंदिर के सिद्ध यंत्र पर बने शिखर में विराजमान भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र जी का अति प्राचीन मंदिर मंदसौर में 500 वर्षों से भी अधिक समय से स्थापित था, लेकिन भक्तों ने प्रथम बार विशाल स्तर पर यह रथयात्रा निकालने का संकल्प लिया है। यह भगवान जगन्नाथ का ही चमत्कार है कि अपने भक्तों का सहयोग लेकर उन्होंने अपने ही रथ पर विराजमान होने का संकल्प पूरा करवाया। रथ निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जगन्नाथ पुरी से ही भगवान जगन्नाथ, सुभद्राजी और बलभद्रजी की मूर्तियां मंदसौर में 10 जुलाई को सुबह 11 बजे पहुंचेंगी, जिन्हें बड़े उत्साह एवं सम्मान के साथ भक्त मंदिर के गर्भगृह तक ले जाएंगे। जो भक्त ओडिशा नहीं जा पाते हैं, उनके लिए यह चमत्कार ही कहिए कि भगवान जगन्नाथ ने अपने भक्तों को मंदसौर में ही (भगवान पशुपतिनाथ की नगरी में) रथ पर सवार होकर उन्हें खींचने का सौभाग्य प्रदान किया है। ऐसा चमत्कार बहुत कम देखने को मिलता है।
मंदिर निर्माण जगन्नाथ उत्सव समिति के अध्यक्ष संजीव द्विवेदी, अनिल गुप्ता एवं योगेश गुप्ता तथा ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपाल पंचारिया, गोपाल कुमावत और बालकृष्ण दवे ने भगवान जगन्नाथ यात्रा के लिए नगर के सभी सामाजिक और धार्मिक संगठनों को आमंत्रित किया है, ताकि कोई भी व्यक्ति भगवान जगन्नाथ जी के रथ को खींचने से वंचित न रहे। यात्रा का प्रारंभ सिद्ध क्षेत्र मंदिर से होकर भावसार धर्मशाला, सदर बाजार, घंटाघर, मंडी गेट और प्रतापगढ़ पुलिया होते हुए नगर की परिक्रमा करके पुन: सिद्ध क्षेत्र पहुंचेगी। नगर की जनता से आह्वान है कि जो भक्त यात्रा का स्वागत करना चाहते हैं, वे अपने नाम भगवान जगन्नाथ उत्सव समिति को पहले ही लिखवा दें। सभी समाज जनों को स्वागत करने का अवसर दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

