अनूपपुर: लामाटोला भूमिगत खदान की पर्यावरण लोक सुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने परियोजना के जल्द शुरू करने की कही बात
अनूपपुर, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील अंतर्गत प्रस्तावित लामाटोला भूमिगत कोयला खदान परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु आयोजित लोक सुनवाई बुधवार को ग्राम पंचायत बसखली स्थित शासकीय हाई स्कूल परिसर में कोतमा अनुविभागीय अधिकारी सतीश वर्मा एवं मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि डॉ. अशोक कुमार तिवारी की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान परियोजना से प्रभावित सात गांवों के लगभग 1,500 ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा परियोजना के बारे में अपने-अपने विचार और सुझाव रखे।
लोक सुनवाई में लामाटोला, रेउला, गढ़ी, बिचारपुर, बसखली, मौहारी एवं थोड़ाहा गांवों के ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित सामाजिक एवं आर्थिक लाभों पर अपने विचार व्यक्त किए। जिसे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों के सुझावों को गंभीरता से सुना तथा उन्हें अभिलेख में दर्ज किया। परियोजना के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित खदान के लिए अपनाए जाने वाले पर्यावरणीय संरक्षण उपायों एवं प्रबंधन योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। ए.सी.सी. लिमिटेड की तरफ से कई अधिकारियों की मौजूदगी रही जिन्होंने परियोजना के लिए उठाये जाने वाले पर्यावरणीय उपायों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
लामाटोला भूमिगत कोयला परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा वाणिज्यिक खनन के अंतर्गत अगस्त 2024 में प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से मेसर्स ए.सी.सी. लिमिटेड को आवंटित की गई है। यह परियोजना अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील के सात गांवों में लगभग 1,030 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप वायु गुणवत्ता, जल गुणवत्ता, जल संसाधन, ध्वनि स्तर, भूमि पर्यावरण एवं मृदा गुणवत्ता सहित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया गया है। अध्ययन में सभी मानक निर्धारित सीमाओं के अनुरूप पाए गए हैं तथा परियोजना के लिए व्यापक पर्यावरण प्रबंधन योजना का भी प्रावधान किया गया है।
परियोजना लगभग 35 वर्षों तक संचालित होगी, जिसमें आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रतिवर्ष 20 लाख टन कोयले का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना के संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय लोगों की आय एवं जीवन स्तर में सुधार होगा। साथ ही, राज्य सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
ए.सी.सी. लिमिटेड ने क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कौशल विकास एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु विस्तृत योजनाएं तैयार की हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने भी परियोजना से क्षेत्र के समग्र विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद व्यक्त की।
कोतमा के जनपद उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए बताया कि, इस परियोजना के आने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे एवं क्षेत्र का विकास होगा। जबकि बसखला के जनपद सदस्य देवनाथ सिंह का कहना है कि, इस परियोजना के संचालित होने से रोजगार के अवसर आएंगे एवं मूलभूत सुविधाओं का विकास होगा। बसखला गांव की रहने वाली गणेशिया सिंह कहती हैं कि, लामाटोला प्रोजेक्ट के आने से इस क्षेत्र का विकास होगा।
परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, व्यापक वृक्षारोपण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा खनन पट्टा क्षेत्र एवं परिवहन मार्गों के किनारे हरित पट्टियों का विकास किया जाएगा। इस परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ जनस्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सतत आजीविका, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं किसान विकास कार्यक्रमों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय समुदाय के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

