संत रविदास के आदर्शों को अपनाकर भेदभाव रहित और समरस समाज का निर्माण करें - संतश्री मिथिलेश नागर

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संत रविदास के आदर्शों को अपनाकर भेदभाव रहित और समरस समाज का निर्माण करें - संतश्री मिथिलेश नागर


मंदसौर, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेत्रत्व में गुरुवार को संत शिरोमणी रविदास जी महाराज कि 650वीं जन्म जयंती पर समरस्ता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, संतगण मिथिलेश जी नागर, असीम साहेब महाराज जी, मंहत महाकाल नाथ जी, श्याम जी महाराज, दिलीप व्यास जी आदि के मुख्य आतिथ्य मे स्थानीय कुशाभाउ ठाकरे आडिटोरियम में शुभारंभ हुआ।

इस अवसर पर मंचस्त अतिथिगणों द्वारा संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण पर उनकि जन्म भूमि से आयी पवित्र माटी का पूजन कलश के माध्यम से किया गया तत्पश्चार्थ जनप्रतिनिधिगणों और पार्टी पदाधिकारीगणों द्वारा संतगणों का सम्मान शाल, दुपट्टे पहनाकर किया गया।

समरस्ता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन कार्यक्रम में संतश्री मिथिलेश नागर ने कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता की प्रेरणा देता है। उनका जन्म ऐसे समय में हुआ, जब समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव की गहरी खाई थी। संत रविदास ने अपने विचारों और आचरण से समाज को बताया कि मनुष्य की पहचान उसके कर्म और चरित्र से होती है, जन्म से नहीं। उन्होंने कहा कि आज हमें आत्ममंथन करना चाहिए कि हम संत रविदास के आदर्शों पर कितना चल रहे हैं।

संतश्री असीम साहेब महाराज ने संत रविदास जयंती के अवसर पर कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों से समाज को भक्ति, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि इस अभियान की शुरूआत गुरु से और समापन भी गुरु के स्मरण के साथ होना संत रविदास जी की महान संत परंपरा के प्रति हमारी श्रद्धा को दशार्ता है।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी केवल संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के संदेशवाहक, मानवता के उपासक और सामाजिक चेतना के महान प्रवर्तक थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

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