उज्जैनः सिंहस्थ में भीड़ संभालने के लिए शहर की सीमाओं पर बनेंगे बड़े होल्डिंग एरिया
उज्जैन, 05 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 में पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को शहर तक पहुंचने से पहले ही व्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर और उज्जैन संभाग के सीमावर्ती जिलों में प्रमुख मार्गों पर बड़े होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। यहां आवश्यकता के अनुसार श्रद्धालुओं के वाहनों को कुछ समय के लिए रोका जाएगा और यातायात की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें उज्जैन की ओर रवाना किया जाएगा। इससे सिंहस्थ के दौरान उज्जैन शहर और मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति बनने से रोकने में मदद मिलेगी।
सोमवार को संभागायुक्त आशीष सिंह और एडीजी राकेश गुप्ता ने उज्जैन संभाग के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर सिंहस्थ की यातायात व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। इंदौर, धार और सीहोर के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में प्रस्तावित होल्डिंग एरिया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
चार जिलों का प्लान तैयार, बाकी को एक सप्ताह का समय
बैठक में शाजापुर, रतलाम, देवास और नीमच जिलों की होल्डिंग एरिया योजना को अंतिम रूप दिया गया। अन्य जिलों को एक सप्ताह में प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया कि उज्जैन की ओर आने वाले मार्गों पर इस तरह व्यवस्था की जाए कि वाहनों का दबाव शहर तक एक साथ नहीं पहुंचे।
इंदौर कलेक्टर शिवेंद्र वर्मा ने भंवरासा, बरलाई, खंडवा रोड और धार रोड पर प्रस्तावित होल्डिंग एरिया की जानकारी दी। वहीं, संभागायुक्त ने नए बन रहे इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे पर भी होल्डिंग के लिए स्थान चिन्हित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि उज्जैन की ओर आने वाले मार्गों की लेफ्ट साइड में अधिकांश होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएं।
सीहोर में सबसे ज्यादा 119 हेक्टेयर में व्यवस्था
सीहोर जिले में 10 स्थानों पर होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गए हैं। इनमें सात बड़े एरिया होंगे। कुल 119 हेक्टेयर जमीन पर वाहनों को रोकने की व्यवस्था प्रस्तावित है। आष्टा, सीहोर और डोडी सहित अन्य स्थानों पर ये एरिया विकसित किए जाएंगे।
धार जिले में कलमाड़ा खुर्द, बदनावर, मसावदा और केसूर में कुल 104 हेक्टेयर में होल्डिंग एरिया प्रस्तावित हैं। नीमच के नयागांव और रतलाम जिले के तीन स्थानों पर कुल 27 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यवस्था की जाएगी।
देवास जिले में गोपाल चौराहा, सोनकच्छ, शिप्रा, राजोदा और चापड़ा क्षेत्र में होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गए हैं। मंदसौर जिले में तीन स्थानों पर 54 हेक्टेयर क्षेत्र में होल्डिंग एरिया प्रस्तावित किए गए हैं।
सिंहस्थ के दौरान यह व्यवस्था उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि श्रद्धालुओं को लंबा जाम न झेलना पड़े और शहर में प्रवेश से पहले ही यातायात का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / क्षितिज

