कोसमी में आदिवासी परिवारों के मामले में सरकार जवाबदेही तय करे: जीतू पटवारी

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कोसमी में आदिवासी परिवारों के मामले में सरकार जवाबदेही तय करे: जीतू पटवारी


- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांगा जवाब, निष्पक्ष जांच, प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास देने की मांग

भोपाल, 12 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई से आदिवासी परिवारों के प्रभावित होने के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित परिवारों को राहत देने और यदि कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और प्रशासन सरकार के अधीन काम करता है। ऐसे में कोसमी के मामले में सरकार को अपनी जवाबदेही स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस मामले को उठाया है। अब मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि गांव में वन विभाग की कार्रवाई किन आदेशों के तहत की गई और क्या प्रभावित परिवारों के अधिकारों एवं कानूनी दावों की जांच की गई थी।

निष्पक्ष जांच और पुनर्वास की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के आवास, आजीविका और भविष्य से जुड़ा है। सरकार को घटना की निष्पक्ष जांच कराकर नुकसान का आकलन करना चाहिए। साथ ही, पात्र परिवारों को नियमानुसार मुआवजा, राहत और सुरक्षित पुनर्वास उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने वनाधिकार कानून के तहत आदिवासी परिवारों के दावों की स्थिति पर भी सरकार से जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि कितने दावे लंबित हैं और पात्र परिवारों को उनके अधिकार दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

केन-बेतवा परियोजना के प्रभावितों का मुद्दा भी उठाया

जीतू पटवारी ने पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले पात्र परिवारों को नियमानुसार मुआवजा, सुरक्षित पुनर्वास और आजीविका की सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार को इस संबंध में अपनी कार्ययोजना और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में ओबीसी आरक्षण, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य, खाद की उपलब्धता, कर्ज और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। पटवारी ने मुख्यमंत्री से कोसमी मामले में समयबद्ध जांच, प्रभावित परिवारों को राहत और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जांच और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करे, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने की प्रक्रिया स्पष्ट हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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