राजगढ़ः सुठालिया परियोजना के प्रभावित किसानों की भूख हड़ताल 7वें दिन भी जारी
राजगढ़, 21 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों की मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर जीन ग्राउंड में चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को सातवें दिन भी जारी रही।
भूख हड़ताल पर बैठे आरटीआई एक्टिविस्ट जयपाल सिंह खींची का सात दिनों में करीब 6 किलो वजन कम हो गया। सोमवार को उन्हें बुखार भी आ गया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम आंदोलन स्थल पर पहुंची और भूख हड़ताल पर बैठे किसानों सहित अन्य किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। टीम ने जयपाल सिंह का उपचार भी किया। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रही भूख हड़ताल में जयपाल सिंह सहित नौ किसान शामिल हैं।
किसानों की प्रमुख मांग है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार चार गुना मुआवजा और पुनर्वास का लाभ दिया जाए। इसके अलावा लंबित मुआवजे का भुगतान, प्रभावित संपत्तियों का दोबारा सही सर्वे और उचित मूल्यांकन कराने की मांग भी की जा रही है।
पूर्व विधायकों ने आंदोलन को दिया समर्थन
भूख हड़ताल के सातवें दिन चाचैड़ा की पूर्व विधायक ममता मीणा आंदोलन स्थल पर पहुंचीं और किसानों से चर्चा कर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को किसानों की मांग सरकार तक पहुंचानी चाहिए। समस्याओं का समाधान होने तक किसानों के साथ खड़े रहने की बात भी कही। ब्यावरा के पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी ने भी किसानों की मांगों को जायज बताते हुए समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और नियमानुसार पुनर्वास मिलना चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियवृत सिंह खींची ने वीडियो कॉल के माध्यम से किसानों से चर्चा कर उनकी मांगों की जानकारी ली और आंदोलन का समर्थन किया। करणी सेना अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने भी किसानों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार को पत्र भेजकर समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की। किसानों का कहना है कि वे पहले भी प्रशासन को आवेदन देकर और जनसुनवाई में अपनी समस्याएं रख चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

