पन्ना कुआं हादसा: मृतक मजदूरों के परिजन पहुंचे जनसुनवाई, दोषी अधिकारियों पर एफआईआर और 50-50 लाख मुआवजे की मांग
पन्ना, 16 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील के ग्राम बीहरपुरवा में मनरेगा के तहत निर्माणाधीन निर्मल नीर कूप धंसने से पांच मजदूरों की मौत के मामले में मंगलवार को मृतकों के परिजन कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे। परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने तथा प्रत्येक मृतक के परिवार को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
परिजनों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि 26 मई को हुए हादसे के लिए जनपद पंचायत अजयगढ़ के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उपयंत्री, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक (जीआरएस) तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी उत्तरदायी हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि मामले में केवल गैर-इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है, जबकि जांच में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी जानी चाहिए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत बीहरपुरवा में स्वीकृत निर्मल नीर कूप निजी भूमि पर बनाया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि निर्माण कार्य में कई स्तरों पर अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि कूप पूर्व में भी धंस चुका था, इसके बावजूद सुरक्षा उपायों की अनदेखी कर मजदूरों से कार्य कराया गया। साथ ही मजदूरी और सामग्री मद में फर्जी भुगतान तथा रिकॉर्ड में गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि हादसे में आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल की मौत हो गई थी। परिजनों का कहना है कि अब तक केवल तीन मृतकों के परिवारों को संबल योजना के तहत चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि मिली है, जबकि दो अन्य परिवारों को कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि भी अभी तक नहीं मिली है।
मृतक मजदूरों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश पांडे

