खरगोन: महेश्वर में नर्मदा की तेज धारा में बहा इंदौर का युवक, बचाने के लिए परिवार चीखता रहा, सर्चिंग जारी

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खरगोन: महेश्वर में नर्मदा की तेज धारा में बहा इंदौर का युवक, बचाने के लिए परिवार चीखता रहा, सर्चिंग जारी


खरगोन, 27 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर स्थित सहस्त्रधारा घाट पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में इंदौर का एक युवक नर्मदा की तेज धारा में बह गया। युवक की पत्नी, भाई और परिजन उसे बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन तेज बहाव के कारण वह कुछ ही सेकेंड में आंखों से ओझल हो गया। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक को तेज बहाव में बहते हुए देखा जा सकता है।

घटना रविवार शाम करीब पांच बजे जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा घाट की है। हादसे की सूचना मिलते ही महेश्वर पुलिस, होमगार्ड, स्थानीय गोताखोर और बाद में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रविवार शाम से देर रात तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह उजाला होते ही नावों और गोताखोरों की मदद से दोबारा सर्च अभियान शुरू किया गया, जो समाचार लिखे जाने तक जारी था।

परिवार के साथ दर्शन और घूमने आया था महेश्वर

पुलिस के अनुसार युवक की पहचान इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित हाड़ा (30) के रूप में हुई है। अर्पित अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ महेश्वर और आसपास के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के दर्शन के लिए आए थे। महेश्वर में दर्शन करने के बाद शाम चार से पांच बजे के बीच पूरा परिवार जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा पहुंचा। यहां अर्पित नर्मदा में स्नान करने के लिए उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्नान के दौरान अर्पित का अचानक पैर फिसल गया। नदी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण वे संतुलन नहीं बना सके और देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए। कुछ ही सेकेंड में तेज धारा उन्हें अपने साथ बहाकर ले गई।

पत्नी रोकती रही, लेकिन नहीं माने

परिजनों के अनुसार अर्पित की पत्नी उन्हें आगे गहरे पानी की ओर जाने से लगातार मना कर रही थीं, लेकिन वे कुछ और आगे बढ़ गए। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव में फंस गए। पत्नी, भाई और अन्य परिजन मदद के लिए लगातार चिल्लाते रहे। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद पर्यटक, ग्रामीण और नाविक दौड़कर पहुंचे, लेकिन नदी का तेज बहाव, गहराई और पथरीला तल देखकर कोई भी व्यक्ति नदी में उतरने का साहस नहीं कर सका। देखते ही देखते अर्पित सभी की आंखों के सामने नर्मदा की धारा में समा गए।

रातभर चला रेस्क्यू, सोमवार सुबह फिर शुरू हुई तलाश

हादसे की सूचना मिलते ही महेश्वर थाना पुलिस, होमगार्ड की रेस्क्यू टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंच गए। टीम ने सहस्त्रधारा और आसपास के कुंडों सहित बहाव वाले क्षेत्रों में देर रात तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह छह बजे से पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों ने नावों की सहायता से दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई पता नहीं चल सका था।

जोखिम भरा है सहस्त्रधारा का इलाका

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जलकोटी-सहस्त्रधारा क्षेत्र नर्मदा का अत्यंत संवेदनशील हिस्सा है। यहां नदी का बहाव तेज होने के साथ कई स्थानों पर गहरे कुंड और पथरीले टापू हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर थोड़ी-सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो सकती है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन पहले भी नर्मदा घाटों और जलाशयों पर सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद सहस्त्रधारा क्षेत्र में पर्यटक और श्रद्धालु जोखिम उठाकर गहरे पानी में स्नान करते देखे जाते हैं।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील

हादसे के बाद पुलिस ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे नर्मदा में केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें। तेज बहाव, गहरे पानी और पथरीले क्षेत्रों में उतरने से बचें तथा चेतावनी बोर्ड और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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