कटनी में 14 वन्यजीवों की मौत से हड़कंप, तालाब के पानी में जहर मिलाने की आशंका; तीन आरोपित गिरफ्तार
कटनी, 26 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र में एक साथ 14 वन्यजीवों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घुघरी-कांटी गांव के पास जंगल में 12 चीतल और 2 सांभर मृत अवस्था में मिलने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों की मौत जहरीला पानी पीने से होने की आशंका जताई गई है। मामले में वन विभाग ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम जंगल क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान तालाब के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में बड़ी संख्या में वन्यजीव मृत मिले। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने देखा कि कई वन्यजीवों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे आशंका जताई गई कि पानी में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट की गई होगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड घुघरी गांव के एक संदिग्ध व्यक्ति के घर तक पहुंचा। तलाशी लेने पर वहां ताजा खून के निशान, वन्यजीवों के बाल, मांस, शिकार में उपयोग किए जाने वाले फंदे और अन्य सामग्री बरामद हुई।
वन विभाग ने एक आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर गडौरी गांव से दो अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डीएफओ गर्वित गंगवार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने तालाब के पानी में जहर मिलाने की बात स्वीकार की है। आशंका है कि इसी जहरीले पानी को पीने से चीतल और सांभर की मौत हुई होगी। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए तालाब के पानी के नमूने और अन्य साक्ष्य जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
वन विभाग ने सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और तालाब के आसपास वन अमले की तैनाती की गई है, ताकि कोई अन्य वन्यजीव या मवेशी वहां का पानी न पी सके। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के लिए प्रभावित जलस्रोत को भी हटा दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश चतुर्वेदी

