कमलनाथ का शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला, कहा- 55% बच्चे 12वीं से पहले छोड़ रहे स्कूल

WhatsApp Channel Join Now
कमलनाथ का शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला, कहा- 55% बच्चे 12वीं से पहले छोड़ रहे स्कूल


भाेपाल, 10 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसकी पुष्टि खुद नीति आयोग की रिपोर्ट से होती है।

कमलनाथ ने रविवार काे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था किस कदर लचर हो चुकी है, यह ख़ुद नीति आयोग की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है। बारहवीं कक्षा तक पहुँचते- पहुँचते 55% बच्चे स्कूल से बाहर हो जा रहे हैं। अर्थात् मध्य प्रदेश के आधे से अधिक बच्चे बारहवीं से ऊपर की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश में शिक्षकों की उपलब्धता का हाल यह है कि 52000 शिक्षकों के पद ख़ाली पड़े हैं और 7000 स्कूल सिर्फ़ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। जो शिक्षक उपलब्ध हैं, उनकी योग्यता का स्तर यह है कि वे अपने ही विषय की परीक्षा में से 60 से 70% अंक हासिल नहीं कर पा रहे हैं।

“शिक्षा सरकार की प्राथमिकता में नहीं”

कमलनाथ ने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था के बदहाल होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि शिक्षा, शिक्षक और विद्यार्थियों को सरकार प्राथमिकता नहीं दे रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। ऐसे हालात में विद्यार्थियों का स्कूल छोड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा अन्य सरकारी कार्यों में इतना व्यस्त रखा जाता है कि वे शिक्षा पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते।

शिक्षकों की भर्ती और गैर-शैक्षणिक कार्य बंद करने की मांग

कमलनाथ ने सरकार से मांग की कि हर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य लेना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो प्रदेश के बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था से ही प्रदेश के बच्चे देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

गाैरतलब है कि भारत में स्कूली शिक्षा को लेकर नीति आयोग की मई 2026 की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की दर शिक्षा के सभी चरणों में सबसे अधिक बनी हुई है। देश में व्यापक शैक्षिक सुधारों के बावजूद, माध्यमिक स्तर पर पहुंचने के बाद हर दस में से एक छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ रहा है। रिपाेर्ट के अनुसार ड्रॉप-आउट दर में मध्य प्रदेश (16.8%) के साथ दूसरे नंबर आता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

Share this story