मैहर: क्रेशर प्लांटों से बढ़ता प्रदूषण और खतरा, ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग

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मैहर: क्रेशर प्लांटों से बढ़ता प्रदूषण और खतरा, ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग


मैहर, 25 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के भटूरा क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांटों को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन प्लांटों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के साथ ही पर्यावरणीय नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, क्रेशर प्लांटों से उड़ने वाली धूल ने जल, जमीन और आसपास के जंगलों को नुकसान पहुंचाया है। प्लांट क्षेत्रों को ढंकने की व्यवस्था नहीं की गई है और न ही हरियाली के लिए पौधारोपण किया गया है। नियमों के तहत जरूरी एनओसी और सुरक्षा प्रबंध केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि वास्तविकता में उनका पालन नहीं हो रहा।

क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, खांसी, एलर्जी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हवा लगातार प्रदूषित हो रही है, जिससे ऑक्सीजन स्तर में कमी महसूस की जा रही है। साथ ही वन्य जीवों की मौत के मामले भी बढ़ने की बात कही जा रही है।

भटूरा और आसपास के गांवों के किसानों ने आरोप लगाया कि धूल के कारण उनकी फसलें खराब हो रही हैं और सड़क पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। विरोध करने पर क्रेशर संचालकों द्वारा धमकाने के आरोप भी ग्रामीणों ने लगाए हैं।

क्षेत्र में सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी मंडरा रहा है, विशेषकर उन मजदूरों पर जो बिना किसी सुरक्षा उपकरण के प्लांटों में काम कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते इन क्रेशर प्लांटों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा आने वाले समय में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी

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