गरीब का घर बचाने अवकाश के दिन खुला हाईकोर्ट, बुलडोजर कार्रवाई पर रोक

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गरीब का घर बचाने अवकाश के दिन खुला हाईकोर्ट, बुलडोजर कार्रवाई पर रोक


जबलपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में एक संवेदनशील मामले में अवकाश के दिन विशेष सुनवाई कर एक बीपीएल परिवार को बड़ी राहत दी गई। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकल पीठ ने प्रशासन द्वारा की जाने वाली बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगा दी।

मामला रीवा जिले की हुजूर तहसील के चिरहुला निवासी तेजबली सिंह से जुड़ा है। तेजबली ने आरोप लगाया कि नगर निगम रीवा के अधिकारियों और स्थानीय पटवारी द्वारा बिना किसी लिखित आदेश के उन्हें मकान खाली करने के लिए लगातार मौखिक दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि उन्होंने स्वयं मकान नहीं हटाया, तो प्रशासन बुलडोजर चलाकर उसे नेस्तनाबूत कर देगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता प्रफुल्ल शर्मा ने मामले को अवकाश के दिन सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के निर्देश पर शनिवार को विशेष सुनवाई आयोजित की गई।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अपना एलॉटमेंट लेटर (पट्टा) कोर्ट के समक्ष पेश किया, जिसमें उन्हें 58×12 फीट (कुल 696 वर्ग फीट) भूमि पर वैध कब्जे का अधिकार प्राप्त होना दर्शाया गया। यह दस्तावेज उनके पक्ष में अहम साक्ष्य साबित हुआ। वहीं, राज्य की ओर से उपस्थित सरकारी अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि उन्हें इस कार्रवाई के संबंध में कलेक्टर रीवा से कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।

तथ्यों और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए आदेश दिया कि संबंधित मकान को न तो तोड़ा जाएगा और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई जाएगी। इस आदेश से प्रशासन की कार्रवाई पर तत्काल रोक लग गई और एक गरीब परिवार को बेघर होने से बचा लिया गया।

इस फैसले को न्यायपालिका की संवेदनशीलता और अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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