जबलपुर में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को चौबीस घंटे सक्रिय रखने के दिए निर्देश

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जबलपुर में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को चौबीस घंटे सक्रिय रखने के दिए निर्देश


जबलपुर, 07 जुलाई (हि.स.)। निगम मुख्यालय में मंगलवार को आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार द्वारा लोककर्म, जलप्रदाय, अमृत योजना, सीएम हेल्पलाइन एवं आपदा प्रबंधन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि लोकहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से कराएं। उन्होंने समस्त विभागीय अधिकारियों को मैदानी स्तर पर उतरकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को कहा कि तीन महीने तक पर्यावरण संरक्षण और पानी बचाओ अभियान वार्डों में चलाएं।

संभाग स्तरीय कंट्रोल रूम 24x7 रहेगा सक्रिय, नाला सफाई में तेजी के निर्देश

मौसम और संभावित जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए निगमायुक्त ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि संभाग स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुँचाई जा सके। इसके साथ ही, शहर के सभी छोटे-बड़े नालों एवं नालियों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ड्रेनेज व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

सीएम हेल्पलाइन सर्वोच्च प्राथमिकता

निगमायुक्त अहिरवार ने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का निराकरण संतुष्टिपूर्ण होना चाहिए। एल-1 और एल-2 स्तर पर ही शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए समय-सीमा तय की गई है।

अमृत योजना एवं बुनियादी ढांचा विकास की समीक्षा

बैठक के दौरान निगमायुक्त द्वारा निम्नलिखित प्रमुख विभागों के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में शहर के नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लीकेज सुधारने और टेल-एंड तक पानी पहुँचाने के निर्देश दिए गए।

अमृत योजना के अंतर्गत प्रगतिरत सीवरेज नेटवर्क और उद्यानों के कार्यों की गति बढ़ाने तथा निर्धारित माइलस्टोन के तहत काम पूरा करने को कहा गया।

बैठक में सड़कों के संधारण, निर्माण कार्यों और अन्य अधोसंरचना विकास में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की कड़ाई से जांच करने के निर्देश निगमायुक्त ने दिए ।

बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

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