जबलपुरः गौरीघाट में अवैध कब्जे की जगह अब सज रहे हैं'नेकी के केंद्र
जबलपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार गौरीघाट क्षेत्र को व्यवस्थित और सुंदर बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। जिस स्थान पर दो महीने पहले तक अव्यवस्थित और अवैध कब्जे थे, वहां अब नगर निगम एक भव्य और आकर्षक केंद्र का निर्माण कर रहा है। यह पहल न केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधारेगी, बल्कि नागरिकों के लिए 'सेवा और सुविधा' का संगम भी बनेगी।
निगमायुक्त अहिरवार ने बुधवार को बताया कि इस केंद्र को केवल एक स्टोर की तरह नहीं, बल्कि एक 'सोशल बैंक' के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ प्रमुख रूप से खिलौना बैंक सक्षम परिवारों द्वारा दिए गए पुराने खिलौने यहाँ जमा होंगे, जिन्हें जरूरतमंद बच्चों को वितरित किया जाएगा। बर्तन बैंक एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को कम करने के लिए यहाँ से आयोजनों हेतु बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे। पुस्तक बैंक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्र यहाँ अपनी पुरानी किताबें दान कर सकेंगे और जरूरतमंद विद्यार्थी उन्हें ले सकेंगे। थैला बैंक नर्मदा तट को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए यहाँ कपड़े के थैले उपलब्ध होंगे।
उन्होंने बताया कि घाटों पर पूजन सामग्री की दुकानें अव्यवस्थित होने से जाम की स्थिति बनती थी। अब नए प्लान के तहत श्रद्धालुओं को एक ही छत के निचे गार्बेज फ्री और व्यवस्थित तरीके से पूजन सामग्री मिल सकेगी। स्थानीय विक्रेताओं को व्यवस्थित स्थान मिलने से उनकी आजीविका भी सुधरेगी और घाट की सुंदरता भी बनी रहेगी। हमारा उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि उस स्थान का सदुपयोग कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है। गौरीघाट का यह केंद्र पूरे शहर के लिए एक मॉडल बनेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

