जीतू पटवारी ने साधा निशाना, कहा- मुख्यमंत्री पहले अपना विभाग देखें, जनता को गुमराह करने की बजाय जवाब दें
भाेपाल, 2 दिसंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उस बयान पर कड़ा प्रहार किया है जिसमें उन्होंने मंत्रियों और विभागों की दो वर्ष की समीक्षा करने की बात कही है। पटवारी ने इसे दिखावटी समीक्षा बताया है।
जीतू पटवारी ने मंगलवार काे अपने बयान में कहा कि जब केंद्र सरकार तक मध्यप्रदेश के गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा चुकी है, तो मुख्यमंत्री को इससे बड़ा प्रमाण और क्या चाहिए? समीक्षा की शुरुआत उन्हें अपने ही विभाग से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के विभाग पर नकली बीज घोटाले, परमिट के दुरुपयोग, बीमा कंपनियों की मिलीभगत और CAG रिपोर्ट में स्पष्ट टिप्पणियाँ दर्ज हैं। मुख्यमंत्री बताएं—क्या वे कृषि मंत्री पर कोई कार्रवाई करेंगे?
स्कूल शिक्षा—50 लाख बच्चे गायब, बजट बढ़ा—भ्रष्टाचार भी
पीसीसी चीफ ने आराेप लगाते हुए कहा कि लगातार 50 लाख बच्चों का स्कूल शिक्षा व्यवस्था से गायब होना और बजट का 7 हजार करोड़ से बढ़कर 37 हजार करोड़ होना खुद में बड़ा भ्रष्टाचार है। शिक्षा मंत्री से पूछना चाहिए कि बच्चों की संख्या क्यों कम हो रही है और पैसा कहाँ जा रहा है?
परिवहन विभाग—टोल संचालन और सौरभ शर्मा कांड
जीतू पटवारी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने टोल बंद होने का दावा किया था, जबकि सभी टोल पहले की तरह चालू हैं। क्या परिवहन मंत्री इस्तीफा देंगे? उपार्जन घोटाले से लेकर सहकारिता में भारी भ्रष्टाचार और पंचायतों में अनियमितताओं पर भी मुख्यमंत्री जी आज तक मौन हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की लापरवाही से 26 बच्चों की मौत हो चुकी है, नकली दवाइयों और कुपोषण पर भी सरकार का रवैया उदासीन है। CAG की विस्तृत रिपोर्ट सरकार की विफलताओं का आईना है। बेतहाशा भ्रष्टाचार के कारण बने पुल 90 डिग्री पर झुक जाते हैं, सड़कें 100 मीटर तक धंस जाती हैं। क्या मुख्यमंत्री जी PWD मंत्री से इस्तीफा ले सकते हैं?
पटवारी ने चुनौती दी कि भाजपा का एक भी विधायक बताकर दिखाए कि उसके क्षेत्र में एक सरकारी काम बिना रिश्वत के होता है। उन्होंने कहा कि यह 40% कमीशन की सरकार है, जहाँ सत्ता का मुखिया “अलीबाबा” और बाकी मंत्री “चालीस चोर” की तरह काम कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

